Monday, Nov 28, 2022
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sleeper cells being prepared under the guise of pfi!

PFI की आड़ में तैयार हो रहे स्लीपर सेल! ISI व आतंकी संगठन रच रहे बड़ी साजिश

  • Updated on 9/28/2022

नई दिल्ली/ संजीव यादव। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) या स्लीपर सेल! एक संगठन की आड़ में देश में बड़ी आतंकी साजिश का रचा जाना और आने वाले समय में देश के कई हिस्सों में एक बड़ी आतंकी साजिश को अंजाम देना, क्या यही प्लान है आईएसआई और आतंकी संगठनों का भी है। इसी गुत्थी को सुलझाने के लिए एनआईए बीते 5 दिनों से देश भर में पीएफआई के जुड़े सदस्यों और उनकी संगठनों को रेड मार रही है,ताकि आतंकी संगठनों के किसी भी मंसूबों को कामयाब न होने दिया। 

सूत्रों के मुताबिक आईबी और एनआईए कई माह से कश्मीर में विशेष ऑपरेशन चला रही थी, जिसमें उन्हें कई ऐसे सबूत मिले, जिससे साफ हुआ कि भारत में मौजूद पीएफआई संगठन प्रतिबंधित संगठन ‘सिमी’ की तर्ज पर काम कर रहा है।उसी तर्ज एक संगठन की आड़ में आतंकी साजिशों के लिए विदेशों और देश में लोगों से फंड एकत्र कर रहा है साथ ही संगठन की आड़ में बड़े पैमाने पर स्लीपर सेल भी तैयार कर रहा है,ताकि एक सुनियोजित साजिश के तहत उनका प्रयोग किया जा सके, जिसके जुलाई में उच्च स्तरीय बैठक हुई ओर 7 अगस्त को एक रिपोर्ट के बाद गृह मंत्रालय ने पीएफआई के खिलाफ काम के लिए टीम का गठन किया। 

3 हजार से ज्यादा संदिग्ध लोगों पर रखी गई  नजर

अधिकारी के मुताबिक देश के कौने कौने में दो माह के दौरान पीएफआई से जुड़े करीब 3 हजार से ज्यादा लोगों पर निगाह रखी गई,जिनके लिए एजेंसियों ने लोकल खुफिया एजेंसियों का सहारा लिया। बताया जाता है कि कुछ माह पहले इसी संबंध में खुद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत दोभाल ने कई डीजीपी के साथ बैठक की और जब बैंक खाते समेत पीएफआई की संदिग्ध गतिविधि की बात पुख्ता हुई तो एकाएक देश के कई राज्यों में रेड डाल संदिग्ध लोगों को पकड़ा गया।

पीएफआई व पकड़े गए संदिग्धों के खिलाफ कई सबूत

सूत्रों के मुताबिक एनआईए ने ये रेड एक सुनियोजित तरीके से मारी है। अधिकारी के मुताबिक जितने भी लोगों को हिरासत में लिया गया है,उनके खातों में विदेशी फंड का आना और फिर कई संदिग्ध खातों में ट्रांसफर होना है। इसके अलावा पकड़े गए कई सदस्यों की कॉल व उनके व जब्त की गए सामान भी आपत्तिजनक है। 

तीन साल में मजबूत हुई पीएफआई, खुली 271 शाखाएं

एजेंसियों के मुताबिक कोविड कार्यकाल में पीएफआई ने अपनी जड़े भारत देश में मजबूत की है, एजेंसी के मुताबिक तीन सालों में नई 271 शाखाएं अलग अलग राज्यों में खोली गई हैं जो पहले महज 12 ही थी। रिपोर्ट के मुताबिक महज जनवरी 2021 से मार्च 2022 तक पीएफआई के करीब 73 खातों में 400 करोड़ से अधिक जमा हुए है। 

दो माह तक विशेष नजर फिर डाली गई रेड

एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केरल व कश्मीर में गत कई माह से विशेष आपरेशन चल रहें थे,इसी दौरान कई सुरक्षा एजेंसी (आईबी,रॉ, लोकल पुलिस) को इनपुट मिले कि देश में बड़े पैमाने पर एक बार फिर से सिमी(प्रतिबंधित संगठन) की तर्ज स्लीपर तैयार हो रहें है,इन बातों की पुष्टि बब्बर खालसा, जैश ए मोहम्मद व लश्कर के पकड़े गए आतंकियों ने भी की,जिसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने दो माह तक देश भर में पीएफआई के कार्यकर्ताओं पर बारीकी से नजर रखी। 

क्या है पीएफआई 

पीएफआई (पॉपुलर फ्रंड ऑफ इंडिया) एक चरमपंथी इस्लामिक संगठन है जो पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के हक में आवाज उठाने वाला सगठन बताया जाता है। संगठन की स्थापना 2006 में नेशनल डेवलपमेंट फ्रंट (एनडीएफ)के उत्तराधिकारी के रूप में हुई। एजेंसियों के दावे के मुताबिक इसकी शुरुआत केरल के कालीकट से हुई और मौजूदा समय में इसका बड़ा मुख्यालय दिल्ली के शाहीन बाग में स्थित है।

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