Monday, Jun 27, 2022
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सी-टीईटी परीक्षा दिलाने वाले सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश, पांच महिला समेत 18 गिरफ्तार 

  • Updated on 12/30/2021

नई दिल्ली, (टीम डिजिटल):दिल्ली से सटे नोएडा में थाना सेक्टर 58 पुलिस ने सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश करते हुए पांच महिलाओं समेत 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एक दिल्ली पुलिस का एएसआई और सीआरपीएफ का सिपाही है। पुलिस का दावा है कि आरोपी  वीरवार को आयोजित की गई केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सी-टीईटी) में लाखों रुपया लेकर असली अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर को बैठाकर परीक्षा दिलाने पहुंचे थे। पांचों महिला अभ्यर्थी हैं जो कुरुक्षेत्र, मथुरा और मुरादाबाद में परीक्षा देने के लिए आई थीं। इन सभी को सेक्टर 60 स्थित ओयो होटल से वीरवार को गिरफ्तार किया गया है। गैंग का सरगना अधिवक्ता समेत तीन लोग फरार हैं। 

नोएडा जोन के डीसीपी राजेश एस ने बताया कि वीरवार तडक़े जोन में आधी रात के बाद एक औचक चैकिंग का अभियान शुरू किया गया था। इसी अभियान के तहत करीब साढ़े तीन बजे सेक्टर-60 चौकी इंचार्ज को सेक्टर-60 सांई मंदिर के पास एक कार को खड़ी पाया तो उसमें सवार युवकों ने बताया कि वह परिजनों को पेपर दिलाने आए हैं। इस पर सख्ती से पूछताछ की तो सेक्टर-60 स्थित एक ओयो होटल में एक ही कमरे में 10-12 लोग मिले। जो कुछ दस्तावेज से पढाई करा रहे थे। इनमें पांच महिलाएं भी शामिल थीं जो परीक्षा देने के लिए आई थी। पुलिस की दबिश की सूचना पर सेक्टर-71 स्थित ओयो होटल में ठहरे गिरोह के सरगना सोनीपत निवासी विनय दहिया अपने साथी अंकित और रवि के साथ पेनड्राइव को लेकर फरार हो गए। एसी पेन ड्राइव में आउट पेपर था। घटना की सूचना मिलने पर एसीपी रजनीश वर्मा मौके पर पहुंचे और आरोपियों से पूछताछ की। 
 

तीन से पांच लाख रुपए लेकर कराते हैं परीक्षा
आरोपियों ने कबूल किया है कि वह सीटीईटी का पेपर आउट कराने वाले विनय, रवि और अंकित के लिए काम करते हैं। तीनों पेपर आउट कराकर पेनड्राइव में लाते हैं। उसी को लेपटॉप के माध्यम से अभ्यर्थियों को पेपर रटाते हैं और दो घंटे का तीन से पांच लाख रुपये ले लेते हैं। आरोपी पिछले करीब तीन वर्षों से यह काम कर रहे थे। आरोपियों की पहचान  दिल्ली के न्यू ललितपुर थाना जगतपुरी निवासी राजेश(साल्वर), राजस्थान के झुनझुन नवासी भवानी शर्मा(सीआरपीएफ का सेवानिवृत सिपाही) हरियाणा के सोनीपत निवासी विकास(मीडिएटर-दिल्ली पुलिस एएसआई-2006 बैच ), राजस्थान भरतपुर निवासी शिवराम सिंह (मीडिएटर- सीआरपीएफ 2007 बैच), हाथरस निवासी रवि (मीडिएटर), पलवल निवासी राम पेपर वाले लोगों की तलाश करने का काम करता था। संभल निवासी सुनी (मीडिएटर), संभल निवासी अनिल कुमार (मीडिएटर),दिल्ली के पालम निवासी अमित (मीडिएटर), गुरुग्राम निवासी ब्रजेश (मीडिएटर), हाथरस निवासी प्रमोद कुमार (मीडिएटर) व हाथरस निवासी गजेंद्र सिंह (मीडिएटर) का काम करते थे। 

सी-टीईटी परीक्षा दिलाने के साथ पेपर लीक का शक, जांच हुई तेज 
नोएडा जोन एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि फरार आरोपी गैंग का सरगना विनय दहिया निवासी सोनीपत, रवि और निवासी सोनीपत अभी फरार चल रहे हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। विनय का एक बड़ा नेटवर्क है वह पिछले करीब तीन वर्षों से यह काम कर रहा है। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में विनय और उसके नेटवर्क के बारे में बहुत कुछ बताया है। जिसे जांच में शामिल किया गया है। आरोपियों द्वारा अब तक दर्जनों अभ्यर्थियों को पास कराकर नौकरी लगवाई गई है। शक है कि आरोपी सी-टीईटी परीक्षा दिलाने के साथ पेपर लीक भी कराने वाले थे। एसीपी ने बताया कि आरोपी के पास से एसएससी जीडी, इलाहाबाद हाई कोर्ट रिकरूट मैन परीक्षा (ए0आर0ओ0), इंडियन कोस्ट गार्ड, एचएसएससी, सेन्ट्रल एयरमैन सेलेक्शन बोर्ड, यूपीएसईएसएसबी टीजीटी परीक्षा, आदि आदि प्रतियोगी परीक्षाओ के एडमिट कार्ड मिले है पूरी सम्भावनाा है कि इन परीक्षाओ में अपने सॉल्वर बैठाते है, जिसकी जांच की जा रही है। इनके कब्जे से अब तक कब्जे से तीन लैपटाप, 20 मोबाइल फोन, एक प्रिन्टर एचपी लेजर जैट, पांच चार पहिया वाहन, दो घडिय़ां, 36 हजार रुपए की नकदी और 50 प्रवेश पत्र विभिन्न परीक्षा केन्द्र के बरामद हुए हंै। 

आरोपियों ने पेपर आउट करके महिलाओं को पढ़ाने के लिए बुलाया था नोएडा 
गिरोह के सदस्यों ने सी टीईटी का पेपर आउट करके उनको पढ़ाने के लिए नोएडा बुलाया था। पेपर देने के लिए यूपी के संभल निवासी संध्या व मथुरा निवासी शैली, हरियाणा सोनीपत निवासी सुदेश, गुरुग्राम निवासी शर्मिला व पूनम अभ्यर्थियों को नोएडा बुलाया गया था।
 

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