Wednesday, Oct 05, 2022
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बेटे का दोस्त निकला दादी व मॉ का हत्यारा

  • Updated on 8/17/2022

बेटे का दोस्त निकला दादी व मॉ का हत्यारा
जिस दोस्त को देखभाल की जिम्मेदारी दे गया था घूमाने 
उस दास्त ने ही मॉ व दादी को उतार दिया मौत के घाट
लूटपाट के लिए वारदात को अंजाम दिया

 

पूर्वी दिल्ली, 17 अगस्त (नवोदय टाइम्स): उत्तर.पूर्वी जिला के थाना वेलकम इलाके में बुजुर्ग विमला देवी और उनकी बहू डॉली राय की हत्या लूटपाट के इरादे से की  गई थी पुलिस ने पुलिस ने मृतका डॉली के बेटे शशांक के दोस्त हर्षित को दोहरे हत्याकॉड को अंजाम देने के साथ-साथ लूटपाट करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
 

जिसे दी थी देखभाल की जिम्मेदारी उसी ने कर दी हत्या
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने लूटपाट के लिए दोहरे हत्याकॉड को अंजाम दिया था। शशांक आरोपी हर्षित को दादी व मां की देखभाल करने की जिम्मेदारी देकर भाई और दोस्तों के साथ हरिद्वार व मसूरी घूमने के लिये गया था। 
 

शशांक से लिये हुए थे पांच लाख ब्याज पर 
आरोपी ने खुलास किया कि उसने शशांक से पांच लाख रुपये ब्याज पर उधार लिए हुए थे, जिसे वह वापस नहीं कर पा रहा था। उसने बताया कि उसे पता थ कि घर में जुलरी व नकदी मौजूद रहती है, इसलिए उसने लूटपाट करने की साजिश रचकर दोस़्त की दादी व मॉ की हत्या कर दी व घर में मौजूद नकदी व जुलरी लेकर फरार हो गया। 

उत्तर पूर्वी जिला डीसीपी संजय कुमार सैन ने बताया कि मंगलवार को वेलकम के सुभाष पार्क इलाके में बुजुर्ग विमला देवी (75)और उनकी बहू डॉली (48) की उनके ही घर में हत्या किये जाने की सूचना मिली थी। 
 

हरिद्वार से लौटे तो हत्या का लगा पता
पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि डॉली के दोनों बेटे सार्थक और शशांक 12 अगस्त की शाम घूमने के लिए हरिद्वार व मसूरी गए हुए थे। मंगलवार सुबह दोनों घर लौटे तो उनकी मां और दादी घर में मृत पड़ी थीं। उनकी चाकू से वार कर हत्या की गई थी। घर से नकदी और गहने गायब थे। 
पुलिस ने हत्या समेत अन्य धारा में केस दर्ज कर जांच शुरू की। पूछताछ में शशांक ने बताया कि मां और दादी घर पर अकेली थीं। इसलिए वह अपने पारिवारिक दोस्त हर्षित को दुकान, घर, मां और दादी की देखभाल करने की जिम्मेदारी देकर गया था। 
 

दो दिन पहले डॉली के साथ दिखा था हत्यारा
जांच के दौरान पता चला कि डॉली रोज सुबह अपने कुत्ते को घुमाने के लिए बाहर जाती थीं। 14 अगस्त की सुबह वह घर से बाहर नहीं निकलीं। पड़ोसियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि 13 अगस्त की शाम को डॉली को हर्षित के साथ देखा गया था। जिसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों को खंगाला तो राहित शशांक के घर आता जाता दिखाई दिया था।
 

13 अगस्त को ही दिया हत्या कॉड को अंजाम
विमला देवी चलने.फिरने में असमर्थ थीं। वह काम के लिए अपनी बहू डॉली को मोबाइल पर 15 से 20 बार फोन करती थीं। सीडीआर की डिटेल से पता चला कि 13 अगस्त की रात नौ बजे के बाद विमला देवी ने किसी को फोन नहीं किया। जिससे पुलिस का शक यकीन में बदल गया कि 13 अगस्त की रात मे ही आरोपी ने दोहरे हत्या कॉड को अंजाम दे दिया था।
बार-बार ब्यान बदलने से शक के दायरे में आया आरोपी
पुलिस ने हर्षित को बुलाकर पूछताछ की तो वह बार-बार बयान बदलने लगा। शक होने पर पुलिस ने हर्षित के घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली तो पता चला कि 13 अगस्त की रात वह कुछ सामान घर लेकर आया था। 
पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस ने उसके पास से लूट के 24 हजार रुपये, लाखों रुपये के गहने, खून से सने कपड़े, वारदात में प्रयुक्त चाकू और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद की है।
 

मोबाइल का चार्जर देने के बहाने आया था घर
आरोपी हर्षित ने पुलिस को बताया कि वह 13 अगस्त को मोबाइल का चार्जर देने के बहाने उनके घर आया था। उसी समय डॉली मंदिर से घर आई थीं। वह उनके साथ ही घर के अंदर चला गया। बातचीत के दौरान मौका मिलते ही तकिये से मुंह दबाकर डॉली का दम घोंट दिया। फिर चाकू निकाल कर पेट में कई वार कर हत्या कर दी। इसके बाद पहली मंजिल पर पहुंचा और चलने फिरने में अस्मर्थ बुजुर्ग विमला देवी की हत्या कर दी। 
 

पालतू कुत्ता भी नहीं भोंका हत्यारे को पहचानता था
शशांक ने एक विदेशी नस्ल का कुत्ता भी सुरक्षा की दृष्टी से पाला हुआ था लेकिन वह कुत्ता भी हर्षित को पहचानता था दोहरे हत्याकॉड को अंजाम देने के बाद आरोपी ने आसानी से पालतू कुत्ते को एक कमरे में बंद कर दिया व घर की अल्मारियों के लॉकर में मौजूद जुलरी व कैश लेकर लेकर घर आ गया।
 

दोस़्त को लगातार दे रहा था सांत़्वना
16 अगस्त को घर में दोहरे हत्या कॉड को पता चला तो शशांक ने पुलिस को कॉल करने के बाद अपने रिश्तेदारों व हर्षित को भी वारदात के बारे में फोन पर बताया, हर्षित तुरंत शशांक के घर पहुंचा और हत्य़ा कॉड से अनभिज्ञ बन कर शशांक के साथ-साथ रहा यही नहीं वह शशांक  को लगातार सांत्वना भी दे रहा था। लेकिन आखिरकार दगाबाज दोस्त पुलिस जांच में शक के दायरे में आ गया व पूछताछ में टूट गया उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
 

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