Monday, Oct 26, 2020

Live Updates: Unlock 5- Day 25

Last Updated: Sun Oct 25 2020 09:11 PM

corona virus

Total Cases

7,879,950

Recovered

7,091,148

Deaths

118,695

  • INDIA7,879,950
  • MAHARASTRA1,638,961
  • ANDHRA PRADESH804,026
  • KARNATAKA793,907
  • TAMIL NADU706,136
  • UTTAR PRADESH468,238
  • KERALA377,835
  • NEW DELHI352,520
  • WEST BENGAL349,701
  • ARUNACHAL PRADESH325,396
  • ODISHA279,582
  • TELANGANA229,001
  • BIHAR211,443
  • ASSAM203,709
  • RAJASTHAN182,570
  • CHHATTISGARH172,580
  • MADHYA PRADESH165,294
  • GUJARAT165,233
  • HARYANA157,064
  • PUNJAB130,640
  • JHARKHAND99,045
  • JAMMU & KASHMIR90,752
  • CHANDIGARH70,777
  • UTTARAKHAND59,796
  • GOA41,813
  • PUDUCHERRY33,986
  • TRIPURA30,067
  • HIMACHAL PRADESH20,213
  • MANIPUR16,621
  • MEGHALAYA8,677
  • NAGALAND8,296
  • LADAKH5,840
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS4,207
  • SIKKIM3,770
  • DADRA AND NAGAR HAVELI3,219
  • MIZORAM2,359
  • DAMAN AND DIU1,381
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
supreme court order allahabad high court will monitor up cbi hathras rape murder case rkdsnt

सुप्रीम कोर्ट का आदेश - इलाहाबाद हाई कोर्ट करेगा हाथरस मामले की निगरानी

  • Updated on 10/15/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने बृहस्पतिवार को कहा कि हाथरस मामले की निगरानी इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) को करने को दी जाएगी। इस मामले में एक दलित लड़की का कथित रूप से बर्बरतापूर्ण तरीके से बलात्कार किया गया था और बाद में उसकी मृत्यु हो गयी थी। प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमणियन की पीठ इस मामले को लेकर दायर जनहित याचिका और कार्यकर्ताओं तथा वकीलों के हस्तक्षेप के आवेदनों पर सुनवाई कर रही थी। 

हाई कोर्ट ने छात्रावास बकाया चुकाने तक प्रवेश नहीं देने पर JNU से किया जवाब तलब

पीठ से कहा गया कि उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है क्योंकि पहले ही जांच कथित रूप से चौपट कर दी गयी है। पीठ ने इस आशंका को दूर करते हुये कहा, ‘‘उच्च न्यायालय को इसे देखने दिया जाये। अगर कोई समस्या होगी तो हम यहां पर हैं ही।’’ इस मामले में सुनवाई के दौरान सालिसीटर जनरल तुषार मेहता, वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे, इन्दिरा जयसिंह और सिद्धार्थ लूथरा सहित अनेक वकील विभिन्न पक्षों की ओर से मौजूद थे। इस मामले में कई अन्य वकील भी बहस करना चाहते थे लेकिन पीठ ने कहा, ‘‘हमे पूरी दुनिया की मदद की आवश्कता नहीं है।’’

बार एसोसिएशन ने की सुप्रीम कोर्ट के जज के खिलाफ सीएम रेड्डी के आरोपों की निंदा

 सुनवाई के दौरान पीड़ित की पहचान उजागर नहीं करने से लेकर उसके परिवार के सदस्यों और गवाहों को पूरी सुरक्षा और संरक्षण जैसे मुद्दों पर बहस हुयी।      पीड़ित के परिवार के वकील ने इस मामले की सुनवाई उप्र से बाहर राष्ट्रीय राजधानी की अदालत में स्थानांतरित करने की मांग की। वरिष्ठ अधिवक्ता इन्दिरा जयसिंह ने भी इस मामले की उप्र में निष्पक्ष सुनवाई को लेकर अपनी आशंका व्यक्त की और गवाहों के संरक्षण का मुद्दा उठाया। इससे पहले, सुनवाई शुरू होते ही सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने उप्र सरकार द्वारा दाखिल हलफनामे का जिक्र किया जिसमे पीड़ित के परिवार और गवाहों को प्रदान की गयी सुरक्षा और संरक्षण का विवरण दिया गया था। 

पप्पू यादव प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार

राज्य सरकार ने न्यायालय के निर्देश पर इस हलफनामे में गवाहों की सुरक्षा के बारे में सारा विवरण दिया है। राज्य सरकार इस मामले को पहले ही सीबीआई को सौंप चुकी है और उसने शीर्ष अदालत की निगरानी के लिये भी सहमति दे दी है। मेहता ने न्यायालय के आदेश पर अमल करते हुये हलफनामा दाखिल करने का जिक्र करते हुये कहा कि पीड़ित के परिवार ने सूचित किया है कि उन्होंने वकील की सेवायें ली हैं और उन्होंने राज्य सरकार के वकील से भी उनकी ओर से मामले को देखने का अनुरोध किया है। उप्र के पुलिस महानिदेशक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा कि पीठ से अनुरोध किया गया है कि गवाहों की सुरक्षा के लिये सीआरपीएफ तैनात की जानी चाहिए। 

सुशांत सिंह राजपूत के साथ काम कर चुके फिल्म निर्माता के ऑफिसों पर ED की रेड

साल्वे ने कहा, ‘‘महोदय आप जिसे भी चाहें, सुरक्षा सौंप सकते हैं।’’ उन्होंने कहा कि इसे राज्य सरकार पर किसी प्रकार का आक्षेप नहीं माना जाना चाहिए। मेहता ने कहा, ‘‘राज्य पूरी तरह से अपक्षतपातपूर्ण है।’’ पीड़ित के परिवार की ओर से पेश अधिवक्ता सीमा कुशवाहा ने कहा कि वे चाहते है कि जांच के बाद इसकी सुनवाई दिल्ली की अदालत में करायी जाये। उन्होने कहा कि जांच एजेन्सी को अपनी प्रगति रिपोर्ट सीधे शीर्ष अदालत को सौंपने का निर्देश दिया जाये। मेहता ने कहा कि सही स्थिति तो यह है कि राज्य सरकार पहले ही कह चुकी है कि उसे कोई आपत्ति नहीं है और कोई भी जांच कर सकता है। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने 10 अक्टूबर से जांच अपने हाथ में ली है। 

GDP मामले में भारत से आगे बांग्लादेश, TMC का मोदी सरकार पर कटाक्ष

मेहता ने कहा कि पीड़ित की पहचान किसी भी स्थिति में सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए क्योंकि कानून इसकी अनुमति नही देता है। सालिसीटर जनरल ने कहा, ‘‘कोई भी ऐसा कुछ नहीं लिख सकता जिसमें पीड़ित का नाम या और कुछ हो जिससे उसकी पहचान का खुला हो सकता हो।’’ एक हस्तक्षेपकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इन्दिरा जयसिंह ने कहा कि इस समय आरोपी को नहीं सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हमें उप्र राज्य में निष्पक्ष सुनवाई की उम्मीद नहीं है। जांच पहले ही चौपट की जा चुकी है।’’ 

बैंक लोन ईएमआई पर ब्याज माफी को जल्द से जल्द लागू करे सरकार : सुप्रीम कोर्ट

उन्होंने कहा, ‘‘पीड़ित के परिवार और गवाहों को उप्र द्वारा को दी गयी सुरक्षा से हम संतुष्ट नहीं है। उन्नाव मामले की तरह इसमें भी सुरक्षा सीआरपीएफ को दी जानी चाहिए।’’ एक आरोपी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि इस मामले का सारा विवरण पूरी मीडिया में है। पीठ ने लूथरा से कहा, ‘‘आप अधिकार क्षेत्र वाले उच्च न्यायालय जायें।’’ सालिसीटर जनरल ने एक संगठन द्वारा दायर आवेदन का विरोध किया जिसमे हाथरस घटना की जांच सीबीआई को सौंपने का अनुरोध किया गया है। मेहता ने कहा, ‘‘न्यायालय को यह निर्देश देना चाहिए कि किसी को भी पीड़ित के नाम पर धन एकत्र नहीं करना चाहिए। हमने पहले यह देखा है। मैं इस आवेदन का विरोध कर रहा हूं।’’ 

एक हस्तक्षेपकर्ता ने कहा कि इस मामले की जांच न्यायालय की निगरानी में विशेष जांच दल से करायी जानी चाहिए। हाथरस के एक गांव में 14 सितंबर को 19 वर्षीय दलित लड़की से अगड़ी जाति के चार लड़कों ने कथित रूप से बलात्कार किया था। इस लड़की की 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गयी थी। पीड़ित की 30 सितंबर को रात के अंधेरे में उसके घर के पास ही अंत्येष्टि कर दी गयी थी। उसके परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने जल्द से जल्द उसका अंतिम संस्कार करने के लिये मजबूर किया। स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना था कि परिवार की इच्छा के मुताबिक ही अंतिम संस्कार किया गया।

 

 

यहां पढ़ें कोरोना से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें...

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.