Sunday, Dec 04, 2022
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विधायक देवेंद्र सहरावत को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं 

  • Updated on 6/29/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। आम आदमी पार्टी  (AAP) के बागी विधायक देवेंद्र सहरावत (Devinder Kumar Sehrawat) शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय (Supreme court) से किसी भी प्रकार की राहत पाने में विफल रहे। न्यायालय ने दिल्ली विधान सभा (Delhi Vidhan Sabha) सचिवालय द्वारा आम आदमी पार्टी के बागी विधायक देवेंद्र सहरावत को दल बदल कानून  (Anti Defection Law) के तहत दी गई नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार से इंकार कर दिया।

सचिवालय ने दिया नोटिस
सचिवालय ने सहरावत के कथित रूप से भाजपा में शामिल होने पर उन्हें यह नोटिस दिया था। न्यायमूॢत संजीव खन्ना और न्यायमूॢत बीआर गवई की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि यह मामला विधायक को अयोग्यता के लिए दिए गए नोटिस के बारे में हैं जो विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष लंबित है और सहरावत उनके समक्ष अपना पक्ष रख सकते हैं। पीठ ने सहरावत के वकील से कहा कि यह मामला अभी भी विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष लंबित है। हम इसमें हस्तक्षेप क्यों करें? अध्यक्ष के पास जाइए।

वकील ने याचिका ली वापस
पीठ ने कहा कि वह याचिका पर सुनवाई करने की इच्छुक नहीं है। इसके बाद सहरावत के वकील ने याचिका वापस ले ली। मामले की सुनवाई के दौरान सहरावत के वकील ने कहा कि उन्हें अयोग्य घोषित किए जाने का खतरा है और अध्यक्ष से कहा जाना चाहिए कि वह इस मामले में कोई भी आदेश पारित नहीं करें। तब पीठ ने कहा कि आपने (सहरावत) पहले भी एक याचिका दायर की थी और इसकी वजह भी यही थी। वह याचिका खारिज हो गई थी। इस पर वकील ने कहा कि उस समय सहरावत को अयोग्यता के लिए कोई नोटिस नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा कि निष्कासित विधायक की स्थिति का मसला शीर्ष अदालत में लंबित है। पीठ ने कहा, ‘आपको निष्कासित किया गया है या नहीं, हम नहीं जानते। यहां तक कि आपको भी नहीं मालूम है। आप कह रहे हैं कि आपको निष्कासित नहीं निलंबित किया गया है।

दल-बदल कानून के तहत याचिका दायर  की
इस पर वकील ने कहा कि सहरावत को पिछले चार साल से पार्टी में अलग-थलग रखा गया है और उन्हें पार्टी की बैठकों में भी नहीं बुलाया जाता है।  बिजवासन विधानसभा सीट से विधायक सहरावत ने शीर्ष अदालत में दायर याचिका में दावा किया था कि उन्होंने अभी तक भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण नहीं की है और उन्हें अयोग्य करार देने का नोटिस एकपक्षीय और गैर कानूनी है। आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता और विधायक सौरभ भारद्वाज ने दल-बदल कानून के तहत दो विधायकों देवेन्दर सहरावत और अनिल बाजपेयी को अयोग्य घोषित करने के लिये विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष याचिका दायर कर रखी है।

 

 

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