Friday, Sep 30, 2022
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Supreme Court seeks reply from Gujarat government on Asaram''s bail application

सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की जमानत अर्जी पर गुजरात सरकार से जवाब मांगा

  • Updated on 8/12/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। उच्चतम न्यायालय ने 2013 के बलात्कार के एक मामले में जमानत अर्जी खारिज किए जाने के खिलाफ जेल में बंद आसाराम की ओर से दायर अपील पर गुजरात सरकार से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति सी टी रविकुमार की पीठ ने गुजरात उच्च न्यायालय के 10 दिसंबर, 2021 के आदेश को चुनौती देने वाली आसाराम की अर्जी पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया। 

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पीठ ने कहा, ‘‘संबंधित फैसले की प्रमाणित प्रति और आधिकारिक अनुवाद की प्रति दाखिल करने से छूट के लिए आवेदन को मंजूरी दी जाती है। नोटिस जारी किया जाए और उसका जवाब सात सितंबर, 2022 तक दिया जाए।’’  अपनी जमानत अर्जी में आसाराम ने इस आधार पर राहत का अनुरोध किया है वह 80 वर्ष से अधिक उम्र का है और उसका स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। आसाराम को 2018 में राजस्थान की एक विशेष अदालत ने अपने आश्रम में एक नाबालिग से बलात्कार करने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। 

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गुजरात में सूरत की दो बहनों ने आसाराम और उसके बेटे नारायण साईं के खिलाफ अलग-अलग शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन पर बलात्कार और अवैध रूप से बंधक बनाने का आरोप लगाया गया था। बड़ी बहन ने आसाराम के खिलाफ अपनी शिकायत में उसपर 2001 से 2006 के बीच कई बार यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाया था, जब वह अहमदाबाद के मोटेरा इलाके में उनके आश्रम में रह रही थी। 

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