Wednesday, Oct 27, 2021
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The attacker of the constable was shot and caught by the Baghpat police, the wife had an evil eye

सिपाही के हमलावर को बागपत पुलिस ने गोली मारकर पकड़ा, सिपाही की पत्नी पर थी बुरी नजर

  • Updated on 9/23/2021

नई दिल्ली/संजीव शर्मा।  8 सितम्बर को बाइक से ड्यूटी जा रहे बागपत पुलिस के सिपाही अरुण कुमार को गोली मारकर जानलेवा हमला करने वाले एक बदमाश को बागपत कोतवाली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में पुलिस की गोली लगने से बदमाश घायल हुआ है। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी के पास से पुलिस ने तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल आरोपी के दो साथी अभी फरार हैं। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस की मानें तो पकड़े गए आरोपी का घायल सिपाही के घर आना जाना था। वह सिपाही की पत्नी पर बुरी नजर रखता था। पत्नी के करीब आने की मंशा में ही उसने सिपाही अरुण पर अपने दो साथियों के साथ मिलकर हमला किया था। बदमाश को पकडऩे वाली पुलिस टीम को एसपी बागपत ने 25 हजार रुपए का नगद ईनाम देने की घोषणा की है। 

एसपी बागपत नीरज कुमार जादौन ने बताया कि सिपाही अरुण कुमार पर हमले की घटना के बाद से पुलिस हमलावरों की तलाश में थी। इसी बीच देर रात करीब डेढ़ बजे पुलिस को मुखबिर द्वारा एक हमलावर के बारे में सूचना दी गई। मुखबिर ने पुलिस को बताया कि बदमाशों में से एक आरोपी दिल्ली-सहारनपुर मार्ग से गुजरने वाला है। सूचना के आधार पर बागपत कोतवाली पुलिस ने दिल्ली-सहारनपुर मार्ग पर चेकिंग शुरू कर दी। पुलिस को देख बदमाश फायरिंग करते हुए भागा। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी फायरिंग में बदमाश पैर में गोली लगने से घायल होकर गिर पड़ा। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस कप्तान का कहना है कि पकड़े गए बदमाश की पहचान किरणपाल निवासी सिंघावली अहीर बागपत के रूप में हुई है। पकड़े गए बदमाश ने सिपाही अरुण कुमार पर हमले की बात कबूली है। साथ ही उसने घटना में शामिल अपने दो अन्य साथियों के भी नाम बताए हैं। पुलिस उन्हें भी गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।


सिपाही को रास्ते से हटाना चाहता था बदमाश 
बागपत के एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि पकड़े गए बदमाश किरणपाल की सिपाही अरुण कुमार से पुरानी दोस्ती थी। जिसके चलते आरोपी का सिपाही के घर भी आना जाना था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह सिपाही के साथ अक्सर शराब पीता था। शराब पीने की लत के चलते सिपाही और उसकी पत्नी के बीच विवाद रहता था। पति-पत्नी के बीच झगड़े की जानकारी आरोपी को भी थी। साथ ही सिपाही के घर आने जाने के दौरान वह उसकी पत्नी पर बुरी नजर रखने लगा था। एसपी ने बताया कि पति-पत्नी के बीच झगड़े का फायदा उठाने की नीयत से उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर सिपाही को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और 8 सितम्बर को ड्यूटी जाने के दौरान सिपाही पर जानलेवा हमला कर दिया। गनीमत रही कि सिपाही गोली लगने के बावजूद बच गया। 


सिपाही को मारकर प्रॉपर्टी, पैसा और पत्नी को कब्जाने की थी मंशा
पूछताछ में आरोपी किरणपाल ने कबूला कि वह सिपाही अरुण कुमार की हत्या कर उसकी प्रॉपर्टी, पैसा और पत्नी को कब्जाना चाहता था। लेकिन वह अपनी मंशा में कामयाब नहीं हो सका। पुलिस का कहना है कि आरोपी बागपत में ही चाय की दुकान चलाता है। किरणपाल ने अपने ही गांव के दो साथियों को लालच देकर घटना में शामिल किया था। एसपी का कहना है कि घटना का पर्दाफाश करने और मुख्य आरोपी को पकडऩे वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपए का नगद ईनाम दिया गया है। एसपी बागपत का कहना है कि आरोपी के फरार साथियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।


खेकड़ा थाने की यूपी.112 दुपहिया वाहन पर तैनात है सिपाही
मूलरूप से हापुड़ जिले का रहने वाला पीडि़त सिपाही अरुण कुमार अपने परिवार के साथ बागपत की रिजर्व पुलिस लाइन में रहता है। उसकी तैनाती खेकड़ा थानाक्षेत्र के यूपी.112 दुपहिया वाहन पर है। 8 सितम्बर को रात करीब 9 बजे पुलिस लाइन से ड्यूटी जाने के दौरान बाइक सवार तीन बदमाशों ने अरुण को गोली मारकर घायल कर दिया था। गोली लगने के बाद अरुण ने अपने कप्तान को कॉल कर घटना की सूचना दी थी। जिसके बाद बागपत के एसपी नीरज जादौन और एएसपी मनीष कुमार मिश्र पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल सिपाही को गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया। जहां ऑपरेशन कर डाक्टरों ने सिपाही की जान बचाई। सिपाही को गोली मारने की घटना से पुलिस विभाग में हडक़ंप मच गया था। मेरठ जोन के एडीजी राजीव सभरवाल और आईजी रेंज प्रवीण कुमार भी घायल सिपाही का हाल जानने यशोदा अस्पताल पहुंचे थे।  
 

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