Tuesday, Jan 18, 2022
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दोस्त से मिलने गए रिटायर्ड दरोगा का शव सडक़ किनारे पड़ा मिला

  • Updated on 11/27/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। साहिबाबाद के राजेन्द्र नगर में रहने वाले उत्तर प्रदेश पुलिस के रिटायर्ड दरोगा महेश चौहान का शव शनिवार को नंदग्राम थानाक्षेत्र में रोड के किनारे पड़ा मिला। उनकी स्कूटी सडक़ पर खड़ी थी और शव के पास तमंचा और दो कारतूस व सल्फास की खाली डिब्बी पड़ी हुई थी। सूचना बाद पहुंची पुलिस को जांच पड़ताल के दौरान मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि वह मुकदमों और शारीरिक परेशानियों की वजह से आत्महत्या कर रहे हैं। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि महेश चौहान शुक्रवार को शास्त्रीनगर में रहने वाले अपने एक मित्र से मिलने स्कूटी लेकर घर से निकले थे।  


राजेन्द्र नगर निवासी महेश चौहान (62) पुत्र साहब सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा थे। वर्ष 2018 में वह पीटीएस मेरठ से टीचर के पद से रिटायर हुए थे। परिवार में उनकी पत्नी मीरा चौहान और दो शादीशुदा बेटियां हैं। पुलिस का कहना है कि महेश चौहान अपने फ्लैट में अकेले ही रहते थे। उनकी पत्नी मीरा कहां रहती हैं इसकी जानकारी नहीं हो सकी। पुलिस की मानें तो शनिवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे महेश चौहान का शव राजनगर एक्सटेंशन स्थित मोरटी रोड के किनारे पड़ा देख कर राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी थी। सूचना बाद पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मृतक के परिजनों को सूचना दी। 


कड़ी मशक्कत के बाद हो सकी मृतक दरोगा की पहचान
एसएचओ नंदग्राम अमित कुमार ने बताया कि मृतक की जेब से सुसाइड नोट मिला था, लेकिन ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला जिससे उनकी पहचान हो सके। पुलिस ने स्कूटी के नंबर के आधार पर मृतक की पहचान के प्रयास शुरू किए। यह स्कूटी मेरठ के उस पते पर रजिस्टर्ड थी जहां महेश चौहान मेरठ में नौकरी के दौरान किराए पर रहते थे। मकान मालिक से उनके बारे में जानकारी जुटाई गई और फिर पुलिस ने पीटीएस मेरठ से महेश चौहान का पता निकाला। पीटीएस मेरठ से महेश चौहान का जो मोबाइल नंबर मिला उसे वह घर पर ही छोडक़र आए थे। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद मृतक की शिनाख्त रिटायर्ड दरोगा महेश चौहान निवासी राजेन्द्र नगर, साहिबाबाद के रूप में की गई। इसके बाद पुलिस ने साहिबाबाद पुलिस की मदद से पड़ोस के फ्लैट में रहने वाले महेश के भाई सुरेश चौहान को घटना की सूचना दी। 


गोली मारने की योजना फेल हुई तो सल्फास खाकर दे दी जान 
एसएचओ अमित कुमार की मानें तो घटनास्थल की जांच पड़ताल को देखकर प्रतीत होता है कि महेश चौहान ने पहले गोली मारकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। इस प्रयास में फेल होने के बाद अंदेशा है कि उन्होंने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। एसएचओ ने बताया कि तमंचे और कारतूस का बोर मेल न खाने के चलते वह खुद को गोली नहीं मार सके। मौके से मिली सल्फास की खाली डिब्बी को देखकर प्रतीत होता है कि उन्होंने सल्फास की गोलियां खाकर ही आत्महत्या की है। एसएचओ का कहना है कि पीएम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा। 


पत्नी से मांगी क्षमा, लिखा मुझ पर किसी का कोई शेष नहीं
मृतक की जेब से जो सुसाइड नोट बरामद हुआ है उसमें लिखा है कि मैं पूरे होशोहवास में हूं। मुझ पर किसी का कोई लेना देना शेष नहीं है। मैं मुकदमों और अपनी शारीरिक परेशानियों के चलते यह कदम उठा रहा हूं। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। अंत में सभी परिजनों व मित्रों और पत्नी से क्षमा मांगते हुए लिखा है कि अब मैं आप लोगों से विदा ले रहा हूं। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का ही प्रतीत हो रहा है। इसके बावजूद बरामद सुसाइड नोट का महेश चौहान की लेखनी से मिलान कराया जाएगा।
 

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