Thursday, Apr 09, 2020
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निर्भया के तीन दोषियों ने जेल में कमाए में 1.37 लाख, जानिए किसने नहीं किया कोई काम

  • Updated on 3/20/2020

नई दिल्ली /टीम डिजिटल। 16 दिसंबर 2012 की रात की दरिंदगी (crualty) के लिए दोषियों को सात सालों बाद से 19 मार्च 2020 को जाकर इंसाफ मिल सका। निर्भया के दोषियों और उनके वकील एपी सिंह ने मामले को टालने के लिए कानून की हर मुमकिन- गैर मुमकिन धारा का इस्तेमाल करने की कोशिश की। इतने सालों से जेल में काम करते हुए तीन अपराधियों पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय सिंह ने कुल 1.37 लाख रुपए की कमाई भी की। मगर चौथे अपराधी मुकेश ने जेल में रहते हुए कोई काम नहीं किया।

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सात साल में तीनों ने कुल मिलाकर कमाए 1.37 लाख रुपए
निर्भया की दरिंदगी का इंसाफ आखिरकार मिल ही गया। सुबह साढ़े पांच बजे दरिंदों को उनके अंजाम तक पहुंचा दिया गया। तिहाड़ जेल प्रशासन ने बताया कि चार में से सिर्फ तीन दोषियों ने काम किया था और इतने सालों में कुल मिलाकर 1 लाख 37 हजार रुपए कमाए थे। अक्षय सिंह ने सबसे ज्यादा 69 हजार रुपए, पवन ने 29 हजार, विनय ने 39 हजार रुपए कमाए थे। इस पैसे को उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

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कपड़े और सामान भी परिजनों को सौंपा जाएगा
मृतकों के कपड़े और निजी सामान भी उनकी कमाई के साथ उनके परिजनों को ही सौंप दिया जाएगा। गौरतलब है कि इन आरोपियों के वकील एपी सिंह ने आधी रात को दोबारा पवन की उम्र के मुद्दे को उठाते हुए फांसी रुकवाने की कोशिश की थी। मगर उन्हें पीठ ने उन्हें सिर्फ एक स्कूली प्रमाणपत्र के नाम पर बार-बार मुद्दे को लटकाने के लिए फटकारते हुए मामले को और ज्यादा खींचने से साफ इंकार कर दिया।

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सात सालों बाद आई न्याय की सुबह, ‘निर्भया जिंदाबाद’ के नारे
सुबह साढ़े पांच बजे निर्भया के दोषियों की फांसी के बाद सालों के लंबे इंतजार के बाद न्याय की सुबह का सूरज उगा। अल सुबह तिहाड़ जेल के बाहर निर्भया जिंदाबाद की नारेबाजी के बीच मिठाई भी बांटी गई। लोगों ने इंसाफ के लिए न्यायालय और न्याय अधिकारियों का भी शुक्रिया अदा किया।

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