Tuesday, Oct 26, 2021
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घर से गायब हुए नौ साल के बच्चे की कट्टे में बंद मिली लाश

  • Updated on 10/13/2021


दो दिन पहले घर से गायब हुए नौ साल के बच्चे की कट्टे में बंद मिली लाश
- 11 अक्तूबर को उत्तम नगर थाने में दर्ज कराई की अपहरण की शिकायत
- परिजनो का कहना पुलिस करती त्वरित कार्रवाई तो बच जाता हमारा बच्चा
- पुलिस ने साधी चुप्पी
नई दिल्ली/टीम डिजिटल।

द्वारका के उतम नगर इलाके में उस समय सनसनी फैल गई जब एक घर से प्लास्टिक के कट्टे में बंद बच्चे की लाश मिली। तत्काल सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा शव की जांच करने पर पता चला कि उक्त नौ साल के बच्चे के गायब होने की शिकायत दो दिन पहले ही उसी घर के सामने वाले मकान में रहने वाले शख्स ने थाने में दर्ज कराई गई थी। प्राथमिक जांच में अंकुश नामक उक्त बच्चे की गला दबाकर हत्या किए जाने के बाद उसे कट्टे में बंद कर छोड़ दिया गया था। बच्चे के साथ किसी प्रकार का अनैतिक अपराध हुआ था या नहीं इसके बारे में प्राथमिक जांच में पता नहीं चल सका है। तत्काल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार नौ वर्षीय बच्चा अंकुश अपने परिवार के साथ उत्तम नगर के विद्या विहार इलाके में बी-58 नंबर के मकान में रहता था। पिता राम दास महतो निजी कंपनी में काम करते हैं। वह 11 अक्तूबर दोपहर को खेलते हुए घर के बाहर से गायब हो गया था। काफी तलाशने पर जब वह नहीं मिला तो उसके परिजनों ने उत्तम नगर थाने में बच्चे के गुमशुदगी की शिकायत दी थी। शिकायत पर पुलिस ने गुमशूदगी का मामला दर्ज कर लिया था। पर कुछ ही समय बाद जब बच्चे के पिता को धमकी से भरे कॉल आने लगे तो उन्होंने इसकी शिकायत दोबारा पुलिस में दी। पुलिस ने शिकायत पर अपहरण की धारा में मामला तो दर्ज कर लिया पर बच्चे की तलाश में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। उधर बुधवार दोपहर करीब 1.15 में पुलिस सूचना पर पीडि़त के घर के पीछे स्थित मकान की दूसरी मंजिल पर पहुंची, जहां कमरे में पुलिस को कट्टा मिला जिसमें बच्चे का शव रखा हुआ था। उस कमरे का उपयोग गोदाम के रूप में किया जाता था। मौके पर क्राइम और फॉरेन्सिक टीम को बुलाकर जांच की गई, जिसके बाद बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। पुलिस बच्चे के परिजनों और घटनास्थल के आसपास लोगों से पूछताछ कर मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है। बच्चे को आखिरी बार किसके साथ देखा गया था, इस बात का पता लगाने के लिए इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली जा रही है।

पुलिस ने दिखाई होती तत्परता तो जिंदा होता बच्चा

दूसरी ओर बच्चे के परिजन एक ओर बच्चे की मौत से सदमें में हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस के द्वारा उनकी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई न करने और तलाश में तत्परता नहीं बरने को लेकर नाराज हैं। उनका कहना है कि अगर पुलिस ने उनके द्वारा बच्चे के अपहरण किए जाने की शिकायत के बाद भी उसकी तलाशी शुरू की होती तो शायद आज उनका बच्चा जिंदा होता। क्योंकि अपहरणकर्ता ने बच्चे को इलाका ही नहीं पड़ोस के ही घर में छुपाकर रखा था, जहां से उसकी कट्टे में बंद लाश मिली है। यही नहीं उन्हें धमकी के कुछ कॉल भी आए थे। पर पुलिस बच्चे की बरामदगी और बदमाशों की तलाश में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा, जिसका नतीजा परिवार को भुगतना पड़ रहा है। इधर जिला पुलिस ने इस मामले में पूरी तरह से चुप्पी साध ली है। स्थिति यह है कि दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम को भी शव मिलने के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

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