Monday, Oct 22, 2018

दिल्ली पुलिस ने किया असलहा फैक्ट्री का भांडाफोड, मेरठ में बनाया था ठिकाना

  • Updated on 10/10/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मेरठ के एक मकान में दबिश डालकर अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश कर पांच सदस्यों को दबोचा है।

इनकी पहचान मो.सैदुल्ला (37), नसीम (25), मो.साबिर (32),   इम्तियाज उर्फ मिंटू (29) और मो. ओबेद (33) के तौर पर हुई है। इनके कब्जे से 84 हथियार और बड़ी मात्रा में हथियार बनाने वाला रॉ मैटेरियल सहित पिस्टलों के पार्ट्स बरामद हुए।

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पुलिस का दावा है कि जिस जगह यह फैक्टरी चल रही थी, उसे देखकर कहीं से यह नहीं लग रहा था कि उसमें कोई तहखाना है। जबकि मकान में बाहरी-अंजान लोगों को आना-जाना रहता था। सरगना सैदुल्ला की कई दिनों से दिल्ली पुलिस को तलाश थी। उसका गैंग बिहार से रॉ मटेरियल लाकर बदमाशों को 20 से 25 हजार रुपये में बेच देते थे। इस दबिश के बाद मेरठ पुलिस सवालों के घेरे में है।

कैसे हुआ इस फैक्ट्री का पर्दाफाश... 
डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पिछले काफी समय से उनकी टीम हथियार तस्करी करने वाले बदमाशों को पकडने  में लगी हुई है। दिल्ली-एनसीआर में हो रही वारदातों में बदमाश मध्य प्रदेश, बिहार और यूपी के हथियारों का प्रयोग कर रहे थे। इसी कड़ी में पिछले साल से अब तक पुलिस 700 से अधिक पिस्टल बरामद कर दर्जनों लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

इसी बीच पता चलने पर पुलिस की टीम ने 8 अक्तूबर को टिकरी बार्ड के पास से मुठभेड़ के बाद मोहम्मद सैदुल्ला और उसके साथी नसीम को धर दबोचा। तलाशी लेने पर तस्करों के पास से 65 स्वाचालित पिस्टल बरामद हुई। वे कार से हथियार की सप्लाई करने हरियाणा जा रहे थे। उन्हें हथियार छुपाने के लिए कार में गुप्त स्थान बना रखा था। उनसे पूछताछ में पता चला कि बरामद हथियार मेरठ लिसाड़ी गेट स्थित लखीपुरा इलाके की फैक्टरी में बनाए गए हैैं।

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वहां मकान के तहखाने में मुंगेर के कारीगर हथियार तैयार कर रहे थे। इसकी सूचना के बाद पुलिस की टीम ने सोमवार की रात मेरठ में छपा मारकर मोहम्मद साबिर, मिंटू और ओबैद को पकड़ा। वहीं फैक्टरी से 19 पिस्टल सहित हथियार निर्माण का सामान बरामद किया गया। मुंगेर में पुलिस की दबिश लगातार जारी थी।

मेरठ को बनाया था ठिकाना
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पुलिस से बचने के लिए उन्होंने मेरठ को अपना ठिकाना बना लिया था। गिरोह का सरगना सैदुल्ला हथियार की तस्करी में गत 15 सालों से सक्रिय था। इस दौरान वह एक बार दिल्ली पुलिस के हत्थे भी चढ़ चुका है। लेकिन जेल से बाहर आने के बाद उसने दोबारा से हथियार की तस्करी शुरू कर दी थी। वहीं उसका साथी और गिरफ्तार कारीगर गत पांच वर्ष से इस धंधे में जुटे थे। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है।  

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