Friday, Sep 30, 2022
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 युवक की गला घोटकर हत्या करके नाले में फैंकी,दो पकड़े

  • Updated on 2/17/2022

नई दिल्ली। टीम डिजिटल। केशवपुरम इलाके में एक युवक की आपसी रंजिश में युवक की गला घोटकर हत्या कर नाले में फैंकने की वारदात में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने हत्या करने के बाद शव के हाथ कपड़े से बांधकर नाले में फैंक दी थी। पुलिस को आरोपियों को पकडऩे के लिये एक महीने लग गया। आरोपियों की पहचान छोटे जमादार उर्फ अर्जुन और कमलेश राम उर्फ मौगा के रूप में हुई है। दोनों बिहार के रहने वाले हैं। 


पुलिस उपायुक्त ऊषा रंगनानी ने बताया कि बीते 16 जनवरी को केशव पुरम के डीएसआईडीसी, लॉरेंस रोड, गंडा नाला में पुलिस को एक सड़ी गली युवक की लाश पड़ी मिली थी। जिसके हाथ कपड़े से बांध रखा था। कपड़े एक हिस्सा शव के गले में लिपटा हुआ था। उसके हाथ पर ऊं नाम का टेटू बना हुआ था। शव की उम्र करीब 35 साल थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया।

एसीपी डॉ गरिमा तिवारी की देखरेख में एसएचओ संजय रावत के निर्देशन में इंस्पेक्टर महेश,भूपेन्द्र एसआई सुनील कांस्टेबल कमल,जितेन्द्र और दयाराम को आरोपियों को पकडऩे का जिम्मा सौंपा गया। पुलिस टीम को शुरूआती जांच में डॉक्टरों से पता चला कि युवक की हत्या करीब तीन से चार दिन पहले की गई थी। पुलिस टीम ने नाले की तरफ आने व जाने वाले सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को कब्जे में लिया। शव की पहचान करने के लिये,आसपास के थानों,आरडब्ल्यूए,मार्किट एसोसिएशन और डोर टू डोर पहचान करने के अलावा बीट अफसर के व्हटसएप गु्रप और सोशल मीडिया पर फोटो अपलोड किया गया।

इसके अलावा लॉरेंस रोड स्थित सभी फैक्ट्रियों में घर-घर जाकर पूछताछ की गई। जब पुलिस टीम ने ई-रिक्शा किराए पर लिया और मृतक की तस्वीरें चिपकाकर मोहल्ले के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी घोषणा करना शुरू कर दिया। इन घोषणाओं को सुनकर, कुछ लोगों ने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया और संदेह किया कि मृत व्यक्ति उनका रिश्तेदार हो सकता है, जिसकी वे तलाश कर रहे हैं क्योंकि वह भी एक महीने से नहीं मिला था। शव पूरी तरह सड़ चुका होने के कारण तस्वीरों से उसकी पहचान नहीं हो सकी।

उन्हें मुर्दाघर में मृत शरीर दिखाया गया और वे हाथ पर  ओम  टैटू के निशान की मदद से उसकी पहचान करने की कोशिश करते रहे।  पुलिस टीम लगातार प्रयास कर रही थी । करीब एक महीने में मृतक की पहचान और मृतक की पहचान गांव चिश्तीपुर,नालंदा, बिहार के रहने वाले बिपिन बिंद के रूप में हुई। जोकरोल बाग इलाके में कूड़ा बीनने का काम किया। पूछताछ में पता चला कि मृतक का करोलबाग क्षेत्र में दो अन्य कूड़ा बीनने वालों से झगड़ा हो गया था और वे अपने झगड़े के बाद बिहार चले गए थे। पुलिस टीम ने जिला नालंदा, बिहार में जाकर मृतक के गांव के पास के कई इलाकों में पूछताछ की। उनमें से कुछ जो आरोपी व्यक्तियों को जानते थे, पुलिस टीम को गुमराह करते रहे। कुछ दिनों के बाद इनपुट और तकनीकी निगरानी के आधार पर पता चला कि मृतक के साथ झगड़ा करने वाले दो व्यक्ति पंजाबी बाग के ट्रांसपोर्ट नगर में झुग्गी आए हैं।

पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर  छापेमारी की और छोटे जमादार उर्फ अर्जुन और  कमलेश राम उर्फ  मौगा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से पूछताछ करने पर पता चला कि लगातार पूछताछ के दौरान उन्होंने खुलासा किया कि करोल बाग इलाके में बीते दस जनवरी को मृतक बिपिन के साथ उनका झगड़ा हुआ था और वे बदला लेना चाहते थे। उसी दिन नशे की हालत में मृत पाए जाने पर वे उसे ऑटो से पंजाबी बाग होते हुए लॉरेंस रोड ले गए। उन्होंने पहले दुपट्टे से उसकी गर्दन काटकर उसकी हत्या की और हाथ बांधकर उसे गंदा नाले में फेंक दिया, ताकि पुलिस को शव न मिल सके। उसके बाद वे बिहार भाग गए, ताकि वे पुलिस की गिरफ्त में न आ सकें। तीनों  बेरोजगार थे और 10-12 साल पहले दिल्ली आए और कूड़ा बीनने का काम करने लगे। मृतक भी उनको अच्छा जानकार था और एक साथ खाते पीते थे। 

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