Tuesday, Nov 19, 2019
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दिल्ली में ठगों का गैंग मस्त! पुलिस पस्त

  • Updated on 3/25/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। राजधानी में इन दिनों ठगी का आलम जारी है, नतीजा ये है कि दिल्ली पुलिस के पास इन दिनों ठगी के मामले सबसे ज्यादा आ रहे हैं। जहां आम आदमी इस ठगी से पीड़ित है वहीं पुलिस भी खासी परेशान है। बीते 24 घंटों में 7 लोगों को ठगा गया और ये ठगी कहीं ऑनलाइन के बहाने की गई तो कहीं फर्जी कंपनी बना कर की गई।

33 लाख रुपये ठगने का लगाया आरोप

मुंडका इलाके में एक चेन्नई की कंपनी के अधिकारी ने दिल्ली में रहने वाले एक शख्स पर 33 लाख साठ हजार रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पुलिस ने अधिकारी के बयान पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। शिकायतकर्ता मुकेश भाटिया पटेल नगर इलाके में रहते हैं। जबकि चेन्नई की एक कंपनी में डायरेक्टर हैं।

उन्होंने मुंडका पुलिस को दी एक लिखित शिकायत में बताया कि उद्योग नगर मुंडका इलाके में स्थित एक कंपनी के अधिकारी ललित शर्मा से पहले काफी अच्छे संबंध थे। 2011-12 में ललित को हाइड्रोलिक प्रेस मशीन बनाने के लिए 33 लाख साठ हजार रुपये दिए थे। लेकिन आठ साल बीत जाने के बाद भी उसने न तो सामान दिया और न ही रुपये। उससे दोनों चीजों में से एक चीज मांगने पर वह झांसा ही देता आया है।

सिंगापुर जाने के नाम पर लाखों ठगे

निहाल विहार इलाके में एक व्यक्ति से सिंगापुर जाने के नाम पर कई लाख रुपये ऐंठ लिए। पुलिस ने युवक की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच कर रही है। पीड़ित जितेन्द्र कुमार मीणा परिवार के साथ निलौठी इलाके में रहते हैं। 2012 में उन्होंने ITPO प्रगति मैदान से VRS लिया था। बाद में उन्होंने एक साल ESIC में सिविल नौकरी भी की।

आर्थिक तंगी से काफी ज्यादा जूझने के बाद उसने एक ऑनलाइन नौकरी दिलवाने वाली वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करा रखा था। उसको पता चला कि सिंगापुर में किसी कंपनी को कर्मचारियों को जरूरत है। संपर्क करने पर उससे दस्तावेज मांगे। पासपोर्ट बनवाने के बाद उसने कंपनी के एक प्रोसेस मैनेजर से संपर्क किया। उससे दस्तावेज ई मेल पर मंगवाए।

जिनको देने के बाद कुछ दिन बाद पता चला कि दस्तावेज की जांच की जा रही है। कंपनी ने उससे पहले 21 हजार आठ सौ रुपये मांगे। जिनको उसने दिये एक खाते में जमा करा दिये। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे दस्तावेज आगे बढ़ते गए। कंपनी वालों ने उससे उसी तरह से रुपये किसी न किसी चार्ज के रुपये मांगने शुरू कर दिये।

इस तरह से एनओसी फॉर्म के नाम पर 85 हजार नौ सौ रुपये मेडिकल के नाम पर 32 हजार आठ सौ रुपये,रूम रेंट एग्रीमेंट के नाम पर एक लाख 20 हजार रुपये मांगे गए। पेनल्टी के नामक पर 95 हजार तीन सौ रुपये ले लिये। इसके अलावा भी कलकत्ता बुलाया गया। वहां पर भी काफी मुश्किल से एक अधिकारी से मिलवाया गया।

जिसने उसको नौकरी जल्द लगने का भरोसा देकर और रुपये किसी न किसी तरह से ऐंठे। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसका बेटा भी बेरोजगार है। दो से ढाई लाख रुपये की नौकरी के लिए उसने अपने घर का सारा सामान बेचने के साथ साथ कई लाख रुपया ब्याज पर भी लिया है, लेकिन उसको नौकरी अभी तक नहीं मिली है।

रिश्तेदार पर 37 हजार रुपये निकालने का आरोप

निहाल विहार इलाके में एक युवक ने अपने ही रिश्तेदार पर घर से एटीएम कार्ड चोरी कर 37 हजार सात सौ रुपये एटीएम से निकालने का आरोप लगाया। पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है।

शिकायतकर्ता हरचरण सिंह ने पुलिस को बताया कि चन्द्र विहार इलाके में उसका प्रॉपर्टी डीलिंग का ऑफिस है। रात वह पर्स निकालकर घर में सो गया था। सुबह उठा तो देखा कि पर्स से तीन सौ रुपये और एटीएम कार्ड गायब है। कुछ देर बाद फोन पर रुपये निकलने के मैसेज आए। जिसमें कुल 37 हजार सात सौ रुपये एटीएम से निकाले गए थे।

इस बीच पता चला कि उसके एक रिश्तेदार के बेटे ने रात के वक्त एटीएम कार्ड से रुपये निकाले थे, जबकि उससे पूछने पर उसने मना कर दिया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके रिश्तेदार के बेटे को उसका एटीएम कोर्ड पता था।

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