Wednesday, Feb 19, 2020
tightening corruption 22 officers retired forcibly

भ्रष्टाचार पर कसा शिकंजा, 22 अधिकारियों को 'जबरन' किया सेवानिवृत्त

  • Updated on 8/26/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भ्रष्टाचार और अन्य आरोपो में कर विभाग (Department of Indirect Taxes) के 22 अधिकारियों को ‘जबरन’ सेवानिवृत्त किया है। भ्रष्ट अधिकारियों पर शिकंजा कसते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने भ्रष्टाचार पर मुख्य नियम 56 (जे) के तहत निरीक्षक स्तर के 22 अधिकारियों को भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों में अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर दिया है।

G-7 सम्मेलन में ट्रंप से मिले PM मोदी, कहा- भारत- पाक मिलकर करेंगे समस्या का समाधान

भ्रष्ट कर अधिकारियों पर कार्रवाई

सीबीआईसी (CBIC)  वैश्विक स्तर पर जीएसटी और आयात कर संग्रह की निगरानी करता है। इस साल जून से तीसरी बार भ्रष्ट कर अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इससे पहले भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के 27 उच्चस्तर के अधिकारियों को इसी नियम का इस्तेमाल करते हुए अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्ति दी गई थी। इनमें से 12 अधिकारी केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (NARENDRA MODI) ने स्वतंत्रता दिवस पर अपन भाषण में कहा था कि कर प्रशासन में कुछ भ्रष्ट अधिकारियों ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए ईमानदार करदाताओं को परेशान किया है।

नोएडा: 11 वर्षीय साली के साथ किया बलात्कार, फिर हत्या की कोशिश, हुआ गिरफ्तार

अधिकारियों को जबरन किया सेवानिवृत्त

एक सूत्र ने कहा कि हमने हाल में अनिवार्य रूप से उल्लेखनीय संख्या में कर अधिकारियों को जबरन सेवानिवृत्त किया है। हम इस तरह का बर्ताव कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिन अधकारियों को समय से पहले सेवानिवृत्त किया गया है उनमें 11 नागपुर और भोपाल क्षेत्र के हैं। इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने इंदौर की एक कंपनी द्वारा गैरकानूनी तरीके से सिगरेट विनिर्माण को मंजूरी दी थी। इनके अलावा चेन्नई, दिल्ली, कोलकाता, मेरठ और चंडीगढ़ क्षेत्र के एक-एक और मुंबई, जयपुर और बेंगलुरु के दो-दो अधिकारियों को सेवानिवृत्त किया गया है।

केजरीवाल सरकार ने महिलाओं के फ्री सफर के लिए विधानसभा में 290 करोड़ का अनुदान किया पेश

जून में सरकार ने सीबीआईसी के 15 आयुक्त स्तर के अधिकारियों को भ्रष्टाचार, रिश्वत लेने और देने, तस्करी और आपराधिक साजिश के आरोपों में अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त किया था। वहीं उससे पहले सरकार ने 12 वरिष्ठ आईआरएस अधिकारियों को भ्रष्टाचार, यौन उत्पीड़न, आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोपों में अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त किया था।  

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.