Saturday, Jan 28, 2023
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tikonia farmers case  charges framed against 14 accused including ashish mishra

तिकोनिया कांड : आशीष मिश्रा समेत 14 अभियुक्तों पर आरोप तय

  • Updated on 12/6/2022

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में अक्टूबर 2021 में तिकोनिया में हुई हिंसा के मामले में जिले की एक अदालत में मंगलवार को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा समेत 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गये हैं। जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि अपर जिला न्यायाधीश सुनील कुमार वर्मा की अदालत में तिकोनिया कांड मामले में आशीष मिश्रा समेत 14 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय किए गए। 

त्रिपाठी ने बताया कि जिन अभियुक्तों पर आरोप तय हुए हैं उनमें आशीष मिश्रा के साथ-साथ अंकित दास, नंदन सिंह बिष्ट, लतीफ काले, सत्यम उर्फ सत्य प्रकाश त्रिपाठी, शेखर भारती, सुमित जायसवाल, आशीष पांडे, लवकुश राणा, शिशुपाल, उल्लास कुमार उर्फ मोहित त्रिवेदी, रिंकू राणा, वीरेंद्र शुक्ला और धर्मेंद्र बंजारा शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वीरेंद्र शुक्ला पर भारतीय दंड विधान की धारा 201 (सुबूत मिटाना) के तहत आरोप तय किया गया है। 

बाकी अभियुक्तों पर भारतीय दंड विधान की धारा 147 (बलवा), 148 (धारदार हथियार लेकर बलवा करना), 149 (गैरकानूनी जमावड़े में शामिल किसी सदस्य द्वारा अपराध किया जाना), 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास), 326 (खतरनाक आयुधों या साधनों द्वारा स्वेच्छापूर्वक नुकसान पहुंचाना), 427 (आर्थिक नुकसान पहुंचाना) और 120 (ख) (साजिश रचना) और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 177 के तहत आरोप तय किए गए। त्रिपाठी ने बताया कि इसके अलावा आशीष मिश्रा, अंकित दास, नंदन सिंह बिष्ट, सत्य प्रकाश त्रिपाठी, लतीफ काले और सुमित जायसवाल के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत भी आरोप तय किए गए हैं। 

उन्होंने बताया कि अदालत ने अभियोजन पक्ष से आगामी 16 दिसंबर को न्यायालय में सबूत पेश करने को कहा है। गौरतलब है कि तीन अक्टूबर 2021 को निघासन क्षेत्र के तिकोनिया गांव में किसानों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टिनी के बेटे आशीष मिश्रा को मुख्य अभियुक्त बनाया गया है। मंगलवार को जिन 14 अभियुक्तों पर आरोप तय हुए उनमें से 13 आरोपी इस वक्त लखीमपुर खीरी जिला जेल में बंद हैं। 

वहीं एक आरोपी वीरेन्द्र शुक्ला जमानत पर है। आरोप तय करने का बुनियादी मकसद अभियुक्त को यह बताना है कि अभियोजन पक्ष उसके खिलाफ कौन—कौन से आरोप साबित करना चाहता है। उच्चतम न्यायालय ने पिछली 11 नवंबर को कहा था कि तिकोनिया कांड मामले के मुख्य अभियुक्त आशीष मिश्रा द्वारा दाखिल जमानत की अर्जी पर उन्हीं न्यायाधीशों की पीठ सुनवाई करे जिन्होंने पूर्व में इस मामले को सुना था।

न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना की पीठ ने उच्चतम न्यायालय की रजिस्ट्री को इस मामले को समुचित पीठ के समक्ष रखने के लिये प्रधान न्यायाधीश से निर्देश प्राप्त करने के आदेश दिये थे। इससे पहले, पिछली 26 जुलाई को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आशीष मिश्रा की जमानत याचिका निरस्त कर दी थी। 

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