Tuesday, Oct 04, 2022
-->
tomorrow-cm-kejriwal-and-deputy-chief-minister-sisodia-will-go-to-rabia-public-school

बच्चियों को बंधक बनाने से CM केजरीवाल खफा, करेंगे स्कूल का दौरा

  • Updated on 7/11/2018

नई दिल्ली/ब्यूरो। हौजकाजी इलाके में स्कूल की फीस जमा न कराने पर स्कूल में 59 मासूम बच्चियों को उमस भरी गर्मी के बीच एक बेसमेंट में बंद कर दिया गया। दोपहर के समय अभिभावक जब बच्चियों को लेने स्कूल पहुंचे तो इसका पता चला। बच्चियों का गर्मियों में भूख-प्यास से बुरा हाल था। अपने बच्चों की हालत देखकर परिजन बिफर गए।

बुराड़ी कांड: पुलिस को मिली चिट्ठी, 'बीड़ी वाले बाबा' का है जिक्र

स्कूल के बाहर जमकर हंगामा किया गया। मामले की सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मासूमों को जबरन बंधक बनाने और जेजे एक्ट की धारा 75 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। फिलहाल हौजकाजी थाना पुलिस छानबीन कर रही है। इसके साथ ही इस मामले की गंभीरता को दिखाते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सेक्रेटरी और एजुकेशन डायरेक्टर को सभी तथ्यों के साथ तलब किया है। इस बात की जानकारी खुद उप मुख्यमंत्री ने ट्वीट करते हुए दी है।

साथ ही केजरीवाल ने बाद में खुद ट्वीट करते हुए लिखा कि कल वह और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया बच्चों, उनके परिजनों और स्कूल अथॉरिटी से मिलेंगे।

इस मामले में दिल्ली के खाद्य मंत्री इमरान हुसैन ने स्कूल की प्रिंसिपल से सवाल करते हुए पूछा कि उनके स्कूल ने सरकारी नियमों का पालन क्यों नहीं किया। स्कूल इस पर चुप्पी साधे हुए है। इमरान ने कहा कि सरकार के नियमों के मुताबिक, फीस न देने पर कोई भी बच्चों को स्कूल में या क्लास में बैठने से रोका नहीं जा सकता। मंत्री ने स्कूल की प्रिंसिपल को फटकार लगाते हुए मामले को गंभीर व शर्मनाक करार दिया है।

बल्लीमारान स्थित गली कासिम जान में राबिया गर्ल्स पब्लिक स्कूल है। यहां नर्सरी से 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई होती है। आरोप है कि सोमवार सुबह जब स्कूल खुला तो सुबह 6:45 बजे नर्सरी और केजी कक्षा की छात्राओं के पेरेंट्स अपने-अपने बच्चों को यहां छोड़ गए।

दोपहर करीब 12:30 बजे वह अपने-अपने बच्चों को लेने पहुंचे तो पता चला कि 59 बच्चियां अपनी क्लास में नहीं थीं। कर्मचारियों से पूछा गया तो पता चला कि फीस न चुकाने पर स्कूल की एचएम (हेड मास्टर) फरह दीबा खान के कहने पर इन बच्चियों को स्कूल के बेसमेंट में रखा गया है। परिजन वहां पहुंचे तो देखा कि बच्चियों को एक तहखाने नुमा कमरे में जमीन पर बिठाया हुआ था। परिजनों का आरोप था कि वहां पंखा भी नहीं थे। साथ ही चार और पांच साल की सभी बच्चियों की भूख व प्यास से बुरी हालत थी। अपने परिजनों को देखकर बच्चियों ने रोना शुरू कर दिया।

गुस्साए परिजनों ने जब एचएम से बातचीत करने का प्रयास किया तो उन्होंने बदतमीजी दिखाते हुए परिजनों को बाहर फिकवाने की बात की। एचएम का कहना था कि फीस जमा न करने वाले बच्चों को ही यहां रखा गया था। परिजनों ने खूब हंगामा किया। बाद में 1:05 बजे पुलिस को सूचना दी गई। जिले के एडिशनल डीसीपी आल्टो अलफांसो ने बताया कि पेरेंट्स की शिकायत पर जेजे एक्त के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि बच्चों को कमरे में बंद करने के लिए किसने निर्देश दिया था।

 पाकिस्तान की मुख्य पार्टियों ने चुनावी घोषणा पत्र में किया आतंकवाद और कट्टरपंथ से लड़ने का वादा

स्कूल ने कहा, एक्टिविटी रूम में बिठाया

दूसरी तरफ प्रकरण में स्कूल प्रशासन ने कहा है कि स्कूल में एक एक्टिविटी रूम है जहां कुछ देर बच्चों को बैठने के लिए कहा गया था। इसके अलावा किसी भी बात पर उन्होंने टिप्पणी करने से इंकार किया है और कहा है कि उन्होंने अपना पक्ष पुलिस को दे दिया है।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.