Friday, Apr 23, 2021
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Toolkit Case मामले में दिशा रवि जोसेफ को दिल्ली HC से कोई राहत नहीं

  • Updated on 2/19/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। किसान आंदोलन (Farmers Protest) से जुड़े टूलकिट केस में गिरफ्तार जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि ने की मीडिया में जानकारी लीक न करने की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने शुक्रवार यानी आज सुनवाई के दौरान कहा है कि सभी पक्षकारों को एक सप्ताह में इस मामले में अपना जवाब दाखिल करना होगा। इस मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी। 

बता दें कि दिशा रवि ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका के जरिए अनुरोध किया था कि जांच से जुड़ी सामग्री को मीडिया में लीक ना किया जाए। उनकी याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पुलिस ने मीडिया में कुछ भी लीक नहीं किया है।

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'पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस पूर्वाग्रह से ग्रसित'
कोर्ट ने पुलिस से कहा कि हलफनामा दाखिल कर कहे कि उसने मीडिया को जांच से संबंधित कोई भी सामग्री नहीं दी है। कोर्ट ने कुछ मीडिया घरानों को नोटिस जारी कर सुनवाई में शामिल रहने को भी कहा है। दिशा रवि ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया है कि पुलिस को उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी से जुड़ी जांच की कोई भी सामग्री मीडिया में लीक करने से रोका जाए। 

याचिका में आरोप लगाया गया है कि जांच संबंधी सामग्री मीडिया में लीक की जा रही है और पुलिस द्वारा किए जा रहे संवाददाता सम्मेलन पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं। ये उनके निष्पक्ष सुनवाई और उनके निर्दोष होने की संभावना के अधिकार का उल्लंघन करता है। 

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कैंपेन चलाने के लिए तैयार किया था टूलकिट
किसान आंदोलन को बढ़ावा देने और उसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कैंपेन चलाने के लिए टूल किट का ड्राफ्ट ब्रिटेन की एक महिला ने तैयार किया था। इसके लिए ट्विटर कैंपेन चलाने की जिम्मेदारी निकिता जैकब और शांतनु को मिली थी। 11 फरवरी को निकिता के घर में दिल्ली पुलिस की छापेमारी में मिले उसके मोबाइल के व्हाट्सएप चैट से इसका खुलासा हुआ है।

वह महिला एक्टिंकशन रेबेलियन एक्सआर संगठन के ब्रिटेन अध्याय की सदस्य है। तत्काल पुलिस ब्रिटेन की उस महिला की भूमिका की जांच कर रही है। जांच में पता चला है कि इनके बीच लगातार आंदोलन को और बढ़ाने के लिए रणनीति तैयार करने को लेकर चैट के माध्यम से बात हो रही थी।

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पुलिस के खिलाफ टूलकिट में भ्रामक जानकारी
इन्हीं के कहने पर महिला ने टूलकिट का ड्राफ्ट तैयार किया था। उसी ने पैकेज बनाया और हाइपरलिंक के माध्यम से डॉक्यूमेंट में जोड़ा पर टूलकिट गलती से एडिट करते समय ही अपलोड हो गया था। इसमें लोगों में अफवाह फैलने वह उन्हें पुलिस के खिलाफ भड़काने के लिए लिखा गया था। इसके साथ ही पुलिस प्रदर्शनकारियों पर हमला कर रही है, कई घायल और कई लापता हो रहे हैं यह भी लिखा गया था। 

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