Sunday, Nov 28, 2021
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हापुड़- गाजियाबाद रूट पर ट्रैफिक पुलिस पर वसूली कर डग्गामार वाहन चलवाने का आरोप

  • Updated on 8/28/2021

नई दिल्ली/ संजीव शर्मा। एक ओर एसएसपी पवन कुमार जिले की यातायात व्यवस्था को सुधारने का प्रयास कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर जिले भर में चलने वाले डग्गामार वाहन इस व्यवस्था को ध्वस्त करने में लगे हैं। हापुड़-गाजियाबाद रूट पर चलने वाले सैकड़ों डग्गामार वाहन चालक न सिर्फ ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं बल्कि इनसे राज्य सरकार को राजस्व की भी बड़ी हानि हो रही है। हापुड़ निवासी अजय प्रधान ने ऐसे ही डग्गामार वाहनों के खिलाफ एसएसपी को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है।

एसएसपी को भेजी शिकायत में शिकायतकर्ता अजय प्रधान का आरोप है कि हापुड़-गाजियाबाद रूट पर रोजाना सैकड़ों डग्गामार वाहनों का संचालन हो रहा है। यह सभी डग्गामार वाहन ट्रैफिक पुलिस की मिलीभगत से चलाए जा रहे हैं। आरोप है कि इन वाहनों से वसूली के लिए ट्रैफिक पुलिस ने जगह.जगह प्राइवेट ठेकेदार नियुक्त कर रखे हैं।

ट्रैफिक पुलिस इन्हीं के माध्यम से हर महीने मोटी रकम वसूल रही है। इससे सरकार को राजस्व की भी मोटी हानि हो रही है। बातचीत के दौरान अजय ने सवाल उठाया कि बिना हेलमेट के दुपहिया वाहन चालकों का चालान करने वाली ट्रैफिक पुलिस को सडक़ों पर चलने वाले सवारियों से भरे यह डग्गामार वाहन नजर क्यूं नहीं आते? आखिर ट्रैफिक पुलिस अवैध रूप से चलाए जा रहे इन वाहनों पर कार्रवाई क्यूं नहीं करती? जबकि जिले के सभी मुख्य पॉइंट्स पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती रहती है। आरोप है कि इस मामले में ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों से भी शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

नशे में रहते हैं चालक, महिलाओं से करते हैं अश्लीलता
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन डग्गामार वाहनों को चलाने वाले चालक शराब और गांजे के नशे में रहते हैं। चालकों द्वारा बिना लाइसेंस के वाहनों को चलाया जा रहा है। नशे में चालक व हेल्पर द्वारा महिलाओं के साथ अश्लीलता और सवारियों के साथ लूटपाट की जाती है।

पूर्व में भी ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। खास बात यह है कि इन डग्गामार वाहनों ने सवारियों को बैठाने के लिए अपने पॉइंट्स भी निर्धारित कर रखे हैं। इन सभी मुख्य पॉइंट्स पर ट्रैफिक पुलिस भी मौजूद रहती है। पुलिस की मौजूदगी में डग्गामार वाहनों के चालकों द्वारा सवारियों को बैठाना और पुलिस द्वारा उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न करना ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की मिलीभगत को दर्शाता है।

25 वाहनों की सूची भेजकर कार्रवाई की मांग
शिकायत के साथ साथ शिकायतकर्ता ने एसएसपी को 25 डग्गामार वाहनों की सूची भी भेजी है। उसका आरोप है कि सभी पॉइंट्स पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने पैसे फिक्स कर रखे हैं। पूछताछ में उसने यह भी बताया कि किस पद का पुलिसकर्मी कितने पैसे लेकर इन डग्गामार वाहनों को नजरअंदाज करता है। हालांकि शिकायतकर्ता ने अपना कोई वाहन न होने का दावा किया है, लेकिन उसका कहना है कि उसने जनहित में यह शिकायत की है।

वूसली के आरोप में नपे थे टीआई समेत पांच ट्रैफिक पुलिसकर्मी
ट्रैफिक पुलिस पर वसूली का यह आरोप कोई नया नहीं है। इससे पूर्व भी टीआई समेत ट्रैफिक पुलिस के पांच कर्मचारी इस आरोप में नप चुके हैं। बतादें कि 14 जुलाई को पूर्व एसएसपी अमित पाठक ने वसूली के आरोप में तीन हेड कांस्टेबल समेत पांच ट्रैफि कर्मियों को सस्पेंड कर दिया था।

पांचों पर विभागीय कार्रवाई शुरू करते हुए शीघ्र दंडित करने के लिए एसपी प्रोटोकॉल को नामित किया गया था। इसके अलावा खाकी को बदनाम करने वाले प्रकरण में ट्रैफि क इंस्पेक्टर परमहंस तिवारी भी नपे थे। उन्हें पर्यवेक्षण में लापरवाही का दोषी मानते हुए 30 दिन के अर्थदंड से दंडित करने का नोटिस जारी किया था। सभी पर गढ़मुक्तेश्वर, हापुड़ के व्यापारियों को बदमाश बताकर वसूली का आरोप लगा था।

एसएसपी पवन कुमार का कहना है कि अभी तक उन्हें इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

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