Sunday, Dec 04, 2022
-->
two-dangerous-serial-killer-pedro-rodrigues-and-behram-thug-who-killer-900-people

पढ़ें खूंखार दरिंदों की कहानी: एक ने रूमाल के सहारे की 931 हत्याएं, दूसरे ने भी किए 100 कत्ल

  • Updated on 6/4/2018

नई दिल्ली/ आयुषी त्यागी। सीरियल किलर, इस शब्द को सुनते ही दिलों दिमाग में खौफ और एक दिलचस्पी सी जाग उठती है। खौफ आना तो लाजमी है लेकिन दिलचस्पी इसलिए की आखिर कैसे कोई व्यक्ति इतना निर्दयी और क्रुर हो जाता है कि खून की नदियां बहाते हुए एक बार भी उसका दिल नहीं पसीजता। आज हम आपको बताने जा रहे है दुनिया के दो ऐसे खूंखार सिरियल किलर्स के बारे में जिन्होंने मानवता तो तार तार कर कई लोगों को मौत के घाट उतार दिया।   

1500 रुपये बनी हत्या की वजह, एक ही परिवार के 3 लोगों पर हुआ घातक हमला

ठग बेहरम  

Navodayatimesइतिहास के पन्नों में एक ऐसे दरिंदे का नाम दर्ज है जिसने रूमाल से 931 लोगों की जान ले ली। इसका नाम था ठग बेहरम। कहा जाता है कि ठग बेहरम का खौफ दिल्ली से लेकर जबलपुर तक था। ठग बेहरम का जन्म 1765 में हुआ था। इस सीरियल किलर ने 50 सालों तक 900 से ज्यादा लोगों को मौत के घाट उतार दिया। ठग बेहरम रास्तें से गुजरने वाले लोगों पर अचानक से हमला करता था और अपने रुमाल के में एक सिक्का रखकर उनका गला घोट देता था। 

'किंग्स ऑफ ठग'

 ठग बेहरम के गिरोह में 200 लोग शामिल थे और उनका राजा था ठग बेहरम इसलिए उसे किंग्स ऑफ ठग भी कहा जाता है।  फिलहाल बॉलिवुड अभिनेता आमीर खान इन दिनों एक फिल्म बना रहे है जिसका नाम है ठग्स ऑफ हिन्दुस्तान ये फिल्म ठग बेहरम के इतिहास को लेकर ही है।  

Navodayatimes

बेहरम का ये गिरोह वेश भूषा बदलकर काफिलों में शामिल हुआ करता था और मौका पाते ही लूटपाट कर लोगों को मौत की नींद सुला देते था। लाशों को इस तरह से छुपाया जाता था कि किसी को कानों कान भनक नहीं होती थी। इस सीरियल किलर की वजह से अंग्रेज सरकार को ठग विरोधी कानून बनाना पड़ा। 1790-1840 तक उसने कुल 931 हत्याओं को अंजाम दिया। आखिरकार 50 साल बाद बेहराम को पकड़ लिया गया (जब उसकी उम्र 75 साल थी) और 1840 में फांसी की सजा सुना दी गई।        

पहले लिए 8 लाख उधार, फिर की गहनों में गड़बड़ी, रकम मांगी तो दी जान से मारने की धमकी

अब बताते है इस खूंखार हत्यारे के बारे में जिसने 100 लोगों को उतारा मौत के घाट 

Navodayatimes

ब्राजील के पेड्रो रॉड्रिगेज ने 100 से ज्यादा कत्ल किए। पेड्रो ने अपने पिता का भी कत्ल कर दिया था। उसने जितनी हत्या कि उसमें सबसे भतायन हत्या थी उसके अपने पिता की। उसके पिता को फांसी की सजा सुनाई गई थी लेकिन उसने सजा मिलने से पहले ही अपने पिता को अनगिनत बार चाकू मारा और उनका दिल काटकर निकाल लिया। इसके बाद उसने दिल को दांत से काटकर दो टुकड़ों में कर दिया।

पेड्रो ने पहली हत्या 14 साल की उम्र में की थी जब उसके पिता को नौकरी से निकाल दिया था। उसके पिता पर इलजाम था कि उन्होंने खाना चुराया है। पेड्रों ने स्कूल के गार्ड की हत्या कर दी क्योंकि उसने ही असल में खाना चुराया था। इसके बाद पेड्रो ने वो शहर ही छोड़ दिया। नए शहर में आने के बाद भी उसने एक ड्रग डीलर की हत्या की कर दी। 

प्रेमिका का बदला 

Navodayatimesनए शहर में ड्रग डीलर की हत्या करने के बाद पेड्रो को मारिया ओलंपिया प्यार हुआ। दोनों साथ ही रहते थे एक गैंगवॉर में माफिया के लोगों ने मारिया को मार दिया। इसके बाद गैंग के मेंबरों को मारना शुरू कर दिया। इशके बाद ही उसने अपने पिता की हत्या की थी क्योंकि उसके पिता ने उसकी मां का खून कर दिया था। 24 मई 1973 में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस उसे गांड़ी में बैठाकर ले ही जा रही थी कि उसने गाड़ी में बैठे दो रेपिस्ट को मार दिया।

पंजाब में कांग्रेस पार्षद की गोली मारकर हत्या, पुलिस ने जारी किया अलर्ट

पेंड्रो को 128 साल की सजा हुई। फिर पेड्रो ने  जेल में बंद कैदियों को मारना शुरू कर दिया। उसने जेल में बंद 47 अपराधियों के मार दिया। उसके बाद पेड्रो की सजा बढ़ दी गई और उसे 400 सालों की सजा का ऐलान किया गया।  ब्राजिल में कानून है कि किसी भी इंसान को 34 साल से ज्यादा की सजा नहीं सुनाई जाती है। इसलिए उसे 30 साल बाद रिहा करने की बात हुई फिर उसे 34 साल तक जेल में रखा गया और 24 अप्रैल 2007 को रिहा कर दिया गया।              

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.