Saturday, Jan 29, 2022
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यूपी के गोरखपुर में कारोबारी गुप्ता की कथित हत्या को लेकर विपक्ष ने योगी सरकार को घेरा

  • Updated on 9/29/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। गोरखपुर में पुलिस की कथित पिटाई से एक करोबारी की हुई मौत को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने राज्य सरकार को घेरा है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को ट्वीट किया, ‘‘गोरखपुर में एक कारोबारी को पुलिस ने इतना पीटा कि उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना से पूरे प्रदेश के आमजनों में भय व्याप्त है।' उन्होंने कहा, 'इस सरकार में जंगलराज का ये आलम है कि पुलिस अपराधियों पर नर्म रहती है और आमजनों से बर्बर व्यवहार करती है।' 

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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया,‘‘गोरखपुर में पुलिस की बर्बरता ने एक युवा व्यापारी की जान ले ली। ये बहुत ही दुखद और निंदनीय  है। उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने एनकाउंटर की जिस हिंसक संस्कृति को जन्म दिया है, ये उसी का दुष्परिणाम है। संलिप्त लोगों पर हत्या का मुक़दमा चले और उत्तर प्रदेश को हिंसा में धकेलनेवाले इस्तीफ़ा दें।‘‘ 

वहीं बसपा अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को ट्वीट किया, ‘‘उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर की पुलिस द्वारा होटल में रात्रि को छापा मार कर तीन व्यापारियों के साथ बर्बर व्यवहार व उसमें से एक की मौत अति-दु:खद व शर्मनाक घटना, जो राज्य में भाजपा सरकार के कानून-व्यवस्था के दावों की पोल खोलती है। वास्तव में ऐसी घटनाओं से पूरा प्रदेश पीड़ित है।‘‘ उन्होंने कहा, ‘‘ राज्य सरकार से पीड़ित परिवार को हर स्तर पर समुचित न्याय देने के साथ-साथ ऐसी अन्य जघन्य घटनाओं को अति-गंभीरता से लेकर इनकी पुनरावृति को रोकना सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी उपाय करने की बीएसपी की मांग।’’

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आम आदमी पार्टी के सांसद व यूपी में पार्टी प्रभारी संजय सिंह अपने ट्वीट में लिखते हैं, 'आदित्यनाथ जी कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की पत्नी बिलख बिलख कर रो रही है आपकी दुर्दान्त पुलिस ने मनीष की हत्या कर दी आपको इनकी चीख़ सुनाई दे रही है या आप सब बहरे हो गये हैं। कौन देगा इस बेबस पत्नी को न्याय? फ़िलहाल सब लोग जाति-धर्म में उलझे रहिये हर दिन किसी ना किसी का न.आयेगा'

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अपने दूसरे ट्वीट में वीडियो शेयर करते हुए सिंह लिखते हैं, 'ये आदित्यनाथ सरकार के अधिकारी हैं। कह रहे हैं “FIR न लिखवाओ वरना सालों साल केस चलेगा”
SP महोदय खुद मान रहे हैं “पुलिसवालों का पहले से कोई झगड़ा तो था नही” मतलब साफ़ है की एक निर्दोष व्यक्ति की बिना किसी जुर्म के हत्या कर दी गई। तो FIR क्यों नही? न्याय कैसे मिलेगा?'


 गौरतलब हैं कि सोमवार रात रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में एक होटल में कानपुर निवासी 36 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी मनीष गुप्ता अपने दो दोस्तों प्रदीप और हरी चौहान के साथ ठहरे थे। देर रात पुलिस होटल में निरीक्षण के लिए पहुंची थी। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि तीन लोग गोरखपुर के सिकरीगंज स्थित महादेवा बाजार के निवासी चंदन सैनी के पहचान पत्र के आधार पर एक कमरे में ठहरे हुए हैं। 

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संदेह होने पर पूछताछ के दौरान कथित रूप से पुलिस द्वारा पिटाई के बाद घायल मनीष की संदिग्ध हालात में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी।      मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से उनके पति की मृत्यु हुई है। हालांकि, पुलिस ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा कि मनीष नशे की हालत में था और पूछताछ के दौरान जमीन पर गिरने से उसके सिर में चोट आ गई थी जिससे उसकी मृत्यु हुई। मीनाक्षी ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। 

मनीष के साथ कमरे में ठहरे उसके दोस्तों ने बताया कि वे लोग गोरखपुर के रहने वाले कारोबारी चंदन सैनी के बुलावे पर आए थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने रामगढ़ताल के थाना प्रभारी जेएन सिंह और फलमंडी थाना प्रभारी अक्षय मिश्रा समेत छह पुलिसर्किमयों को मंगलवार को ही निलंबित कर पुलिस अधीक्षक (नगर) को मामले की जांच सौंपी है। इस मामले में आरोपी छह पुलिसर्किमयों के खिलाफ हत्या का मुकदमा भी दर्ज किया गया है। 

 

 

 


 

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