Friday, May 27, 2022
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used to dispose stolen vehicles from delhi-ncr in assam

दिल्ली-एनसीआर से चुराई गाड़ियों का असम में करते थे डिस्पोज

  • Updated on 1/28/2022

दिल्ली-एनसीआर से चुराई गाड़ियों का असम में करते थे डिस्पोज

 

- अंतरराज्यीय वाहनचोर गिरोह का भंडाफोड़, 65 साल का बुजुर्ग सरगना

 - खुद एंटी करप्शन का अफसर बन कराता था कारों को बॉर्डर पार

- दिल्ली और हरियाणा से चुराई गई 11 कारें बरामद, एंटी करप्शन का नकली आई कार्ड भी बरामद 

 

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।

 

दिल्ली और हरियाणा के अलग-अलग इलाकों से ऑन डिमांड लग्जरी गाड़ियां चुरा कर उसे नॉर्थ ईस्ट में डिस्पोज करने वाले गिरोह का द्वारका जिला एएटीएस पुलिस की तैने भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने गिरोह के सरगना सहित तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इन बदमाशों से दिल्ली एनसीआर से चुराई 11 लग्जरी कारें बरामद की है। गिरफ्तार आरोपी सुनील, विकास और राजकुमार शर्मा हरियाणा के झज्जर, रोहिणी और गुरुग्राम के रहने वाले हैं। 

यह गिरोह अबतक अब तक 200 से ज्यादा गाड़ियां असम में डिस्पोज कर चुका है। तत्काल इनकी गिरफ्तारी से दिल्ली और हरियाणा के 12 मामलों का खुलासा हुआ है।डीसीपी शंकर चौधरी ने बताया कि इनमें से 65 साल का राजकुमार शर्मा गिरोह का सरगना है। यह चोरी की गाड़ियों को असम में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। ठगी के एक मामले में भी शामिल है।

 

वाहनचोरी की वारदातों पर रोक लगाने व चोरों की गिरफ्तार के लिए एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड द्वारा अभियान चलाया गया था। 

पुलिस टीम इस दौरान सैकडो सीसीटीवी फुटेज की जांच की। इसमे घतन स्थल से लेकर के रूटों की जांच की।

 इसी दौरान टीम के हेड कांस्टेबल सोनू को सूचना मिली थी, कि कई गाड़ी चोरी के मामले में शामिल एक ऑटो लिफ्टर द्वारका सेक्टर 18 के पास आने वाला है। वहां पर पुलिस टीम ने ट्रैप लगाया, जैसे ही सफेद रंग की ब्रिजा गाड़ी वहां पहुंची। पुलिस टीम ने उसे घेर लिया तो उसने गाड़ी रोकने की कोशिश की। अचानक ड्राइवर ने स्पीड बढ़ाकर गाड़ी को डिवाइडर की तरफ चढ़कर भागने की कोशिश की।

वहां पर तैनात सब इंस्पेक्टर विकास और हेड कांस्टेबल सोनू की टीम ने उसे दबोच लिया। जिसकी पहचान सुनील के रूप में हुई, जो हरियाणा के झज्जर का रहने वाला निकला। तलाशी में उसके पास से कंट्री मेड पिस्टल, जिंदा कारतूस मिला। जब छानबीन शुरू की तो पता चला कि वह गाड़ी गुरुग्राम से 15 जनवरी को ही चुराई गई है। आगे पूछताछ हुई तो पता चला कि यह एक गैंग का मेम्बर है। जो दिल्ली और एनसीआर से गाड़ियां चोरी करता है। सुनील के खिलाफ द्वारका नॉर्थ थाने में एफ आई आर दर्ज करवाया।

 

उसे गिरफ्तार करके पुलिस ने रिमांड पर लिया। उसके बाद इसके दो अन्य साथियों को भी पुलिस गिरफ्तार करने में कामयाब हुई। पुलिस टीम को इन्होंने पूछताछ में बताया कि आसाम में रहने वाले एक शख्स को यह दिल्ली-एनसीआर से चोरी करके 200 से ज्यादा गाड़ियां दे चुके हैं। इनमें से गिरफ्तार तीसरा सख्स राजकुमार सीबीआई के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। वहीं सुनील पर पहले से लूट, चोरी और एक्साइज एक्ट के 7 मामले चल रहे हैं। विकास पहले कार मैकेनिक रूप में काम कर चुका है। अब यह इस गैंग का एक्टिव मेंबर है। यह गैंग दिल्ली एनसीआर में गाड़ियों को टारगेट करके चोरी करता है।

 

मास्टरमाइंड 65 साल का राजकुमार गाड़ी को दिल्ली से आसाम डिस्पोजल करने में अहम भूमिका अदा करता है। वह वीआईपी की तरह आगे बैठकर पुलिस पिकेट पर एंटी करप्शन या क्राइम कंट्रोल फोर्स का नकली आई कार्ड दिखाकर आसानी 

से बैरिकेड पार कर लेता है। इनकी गिरफ्तारी से द्वारका नॉर्थ, छावला, द्वारका सेक्टर 23, द्वारका साउथ, पालम गांव, रोहिणी, चितरंजन पार्क, हरियाणा के गुरुग्राम और पलवल थाना इलाकों के 12 मामलों का खुलासा किया गया है।

 

एंटी करप्शन और क्राइम कंट्रोल फोर्स का बताता था अधिकारी

 

आरोपी राजकुमार दिल्ली से चुराई गई गाड़ियों को आसाम में डिस्पोज करने के लिए एंटी करप्शन और क्राइम कंट्रोल फोर्स अधिकारी बताता था। उसके पास से पुलिस ने एक फर्जी आई कार्ड भी बरामद की है, जिसका इस्तेमाल वह पुलिस चेक पोस्ट पार करने के लिये करता था। इसे एक गाड़ी  के लिए 70,000 रुपये मिलते हैं।

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