Thursday, Feb 09, 2023
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गैंग रेप का फर्जी मामला दर्ज कराकर लोगों का करती थी एक्सटॉर्शन

  • Updated on 8/29/2022

द्वारका साउथ थाना पुलिस ने सीडीआर से खोली महिला के झूठ की पोल
- पुलिस के पास जमा कराया वोटर आईडी निकला फर्जी, चला रही थी एक्सटॉर्शन रैकेट, खुद हुई गिरफ्तार
- आरोपी महिला पहले भी पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी और हरियाणा के कुंडली व सोनीपत में भी दर्ज करवा चुकी ऐसा ही मामला

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।


द्वारका पुलिस ने ऐसी शातिर महिला को गिरफ्तार किया है जो लोगों के खिलाफ पुलिस में पहले गैंगरेप का मामला दर्ज कराती थी, फिर उनसे एक्सटॉर्शन किया करती थी। पर इस बार उसकी यह जांच उल्टी पर गई जब उसने द्वारका साउथ थाने में गैंग रेप का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए सबसे पहले महिला द्वारा पहचान के लिए जमा कराए वोटर आईडी की जांच की तो वह फर्जी निकला। इसके बाद पुलिस संदेह हुआ और पुलिस ने महिला और आरोपी बनाए गए लोगों के मोबाइल के सीडीआर की जांच की तो पूरे मामले की पोल खुल गई। पता चला रेप का जो समय और जगह बताया गया था, वहां न ही महिला का लोकेशन मिला और न ही आरोपियों का। इसके बाद पुलिस ने महिला को झूठा मामला दर्ज करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

डीसीपी एम. हर्षवर्धन ने बताया कि 22 जून को द्वारका साउथ थाने में एक महिला ने दो लोगों पर गैंगरेप करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी। महिला के बयान के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने सबसे पहले महिला द्वारा पहचान और पता के लिए वोटर आईडी पुलिस को दिया था। जांच टीम ने जब महिला से उक्त वोटर आईडी कार्ड दर्ज पता पर ले जाने को कहा तो बहाने बनाकर टाल दिया। संदेह होने पर टीम बताए गए पते पर पहुंची तो वह पता फर्जी निकला। इसके बाद पुलिस ने उक्त वोटर आईडी की इलेक्शन कमीशन से सत्यापन की गई तो वह भी फर्जी निकला। इसके बाद पुलिस ने आरोपी बनाए गए जितेंद्र उर्फ भगत जी, कृष्णपाल उर्फ गुरु जी और ड्राइवर कृष्ण से पूछताछ की। उनसे पूछताछ में पुलिस कुछ भी ऐसा न मिला कि वे आरोपी हों।

आरोपी बनाए गए लोग के साथ शिकायतकर्ता का लोकेशन भी मिला दिल्ली के बाहर

इसके बाद पुलिस ने महिला और आरोपी बनाए गए सभी के मोबाइल का सीडीआर को खंगालने के साथ ही शिकायत में बताए गए घटना स्थल और समय पर उनके लोकेशन की जांच शुरू की। पता चला कि घटना के समय आरोपी बनाए गए सभी का लोकेशन दिल्ली के बाहर का मिला। यही नहीं शिकायतकर्ता महिला का लोकेशन कभी भी उक्त घटना स्थल के आस पास का भी नहीं मिला। वहीं महिला का रजिस्टर नंबर भी किसी अन्य महिला के नाम से मिला।

इसके बाद पुलिस ने महिला से पूछताछ की पर वह कोई भी संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाई। उसी नंबर के सीडीआर विश्लेषण से पता चला कि महिला ने पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी थाने में भी एक गैंग रेप का मामला दर्ज करवा रखा है। यह मामला उसने उस नाम से दर्ज करवाया हुआ है, जिस नाम पर वह मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड है। यही नहीं पता चला कि महिला ने हरियाणा के सोनीपत स्थित कुंडली थाने में भी ऐसे ही मामले दर्ज करवाए हुए हैं।

अंतरराज्यीय एक्सटॉर्शन रैकेट से जुड़ी है महिला

इसके बाद महिला के खिलाफ ही पुलिस को गुमराह करने और फर्जी एफआईआर दर्ज कराने को लेकर एक मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उससे सख्ती से पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह एक अंतरराज्यीय एक्सटॉर्शन गिरोह चलाती है। पहले वह अपने शिकार का चयन करती है फिर उनके खिलाफ गैंगरेप का मामला दर्ज कराकर उनसे शिकायत वापस लेने के नाम पर पैसे वसूलती है। इस गिरोह में महिला के अलावा कई अन्य लोगों के भी में शामिल होने का पता चला। जांच के दौरान उसके पास से फर्जी जानकारियों वाला एक आधार कार्ड बरामद किया गया। इस मामले में पुलिस आगे की जांच के साथ ही उसके सहयोगियों की तलाश में लग गयी है।

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