Friday, May 07, 2021
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uttarakhand haridwar civil judge sacked for harassment of teenager albsnt

उत्तराखंडः किशोरी के उत्पीड़न में हरिद्वार की सिविल जज बर्खास्त

  • Updated on 10/28/2020

देहरादून/ब्यूरो। किशोरी का शारीरिक-मानसिक उत्पीड़न करने के मामले में उत्तराखंड शासन ने हरिद्वार की तत्कालीन सिविल जज दीपाली शर्मा को बर्खास्त कर दिया है। नैनातील हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ की सिफारिश के बाद राज्यपाल के आदेश पर उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। कार्मिक विभाग ने इसका आदेश भी जारी कर दिया है। प्रदेश में किशोर न्याय अधिनियम के तहत किसी सरकारी अधिकारी की बर्खास्तगी का यह पहला मामला है।

हरिद्वार की तत्कालीन सिविल जज दीपाली शर्मा पर वर्ष 2019 में बालिका को अपने आवास पर रखने और उसका शारीरिक और मानसिक शोषण करने का आरोप लगा था। पुलिस ने छापा मारकर बालिका को उनके घर से बरामद किया था। इस मामले में सिडकुल थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था और जज को निलंबित किया गया था। पूरे प्रकरण की जांच भी हुई। मामले में उच्च न्यायालय की फुल बेंच ने दीपाली शर्मा की सेवाएं समाप्त करने का संकल्प पारित किया और शासन को प्रेषित किया। इस संकल्प के आधार पर बर्खास्तगी की फाइल तैयार हुई और मंगलवार की देर शाम राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने इसकी अनुमति दी। राज्यपाल की अनुमति मिलते ही अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी ने उन्हें बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया।

गौरतलब है कि जब कार्रवाई हुई थी, उस वक्त के जिला जज राजेंद्र सिंह चौहान, तत्कालीन एसएसपी किशन कुमार वीके, एडीजे अमरिंदर सिंह वहां मौजूद थे। जिला जज की मौजूदगी में ही जिला अस्पताल में किशोरी का मेडिकल परीक्षण हुआ था, जिसमें उसके शरीर पर चोटों के 20 निशान पाए गए थे। एएसपी रचिता जुयाल ने सिडकुल थाने में जज दीपाली शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। अप्रैल 2020 में दीपाली शर्मा के खिलाफ चार्जशीट दायर हुई थी।

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