Monday, Jan 21, 2019

पौधारोपण फर्जीवाड़ा मामले में विजिलेंस ने तेज की जांच, अधिकारियों पर गाज गिरनी तय

  • Updated on 12/8/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। प्रदेश में हुए 14 लाख पौधारोपण के फर्जीवाड़ा मामले ने तूल पकड़ लिया है। सदर वन खंड में पौधारोपड़ के घोटाले में अब विजिलेंस ने जांच तेज कर दी है। इस सिलसिले में विजिलेंस ने आधा दर्जन से ज्यादा लोगों से पूछताछ किया है।

पूछताछ के लिए विजिलेंस ने जिन लोगों की सूची बनाई थी उनमें वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों सहित काम करने वालों को भी शामिल किया था। इस सूची में कुल 40 लोगों के नाम शामिल थे। वन विभाग ने सदर वन खंड के तहत आने वाले बिनौल, मारकंड और कुड़ी आदि बीट पर पौधारोपड़ किया था लेकिन यह पौधे जमीन पर आज तक नहीं दिखाई दिए सिर्फ कागजों पर ही काम किया गया था।

अपने दावे में विभाग ने कुल 14 लाख पौधे लगाने की बात कही थी। जब मामले की जांच की गई तो विजिलेंस ने पाया कि ये पौधे धरातल पर लगे ही नहीं। जांत में पाया गया कि ये पौधे सिर्फ कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रह गऐ थे। इसके पीछे बहुत बड़े फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया है। 

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फर्जीवाड़े का पर्दाफाश होने के बाद विजलेंस ने इस मामले में दखल देने को कहा और वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने की भी मंजूरी ली। केस दर्ज होने के बाद विजिलेंस ने मामले में तेजी दिखाते हुए हाल ही में आधा दर्जन लोगों से पूछताछ की है और बाकी वन विभाग के अधिकारियों से भी पूछताछ किया जाने की तैयारी की जा रही है। विजिलेंस डीएसपी संजीव कुमार ने बताया कि मामले में 40 लोगों की लिस्ट तैयार की गई है। इनमें से कुछ लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। 

इन लोगों पर गिरेगी गाज
पौधारोपण फर्जीवाड़े मामले में वन विभाग के उन कर्मचारियों और अधिकारियों पर शिकंजा कसना तय है, जिनकी देखरेख में यह पौधारोपण किया जाना था। जिन अधिकारियों ने निरिक्षण कर इसके बिल पास किए थे उनपर भी गाज गिरनी तय है। वहीं, ठेकेदारों को भी इस मामले में बख्शा नहीं जाएगा जो भी शक के दायरे में हैं, वो भी इस लपेटे में आएंगे।

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