Monday, Jul 16, 2018

पत्नी से की हिंसा, अब प्रतिमाह देने होंगे 30 हजार

  • Updated on 2/15/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। द्वारका कोर्ट में घरेलू हिंसा का एक मामला सामने आया है। कोर्ट ने पत्नी से घरेलू हिंसा के इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी पति को हर माह 30 हजार रुपए गुजारा भत्ता देने के आदेश दिए हैं। जिसे कानूनी भाषा में इंटेरिम मेंटिनेंस बताया गया है। घरेलू हिंसा की शिकार इस महिला को सहारा देने का यह बेहद सराहनीय फैसला न्यायाधीश गोतम मनन की अदालत ने दिया है। 

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कोर्ट में चल रहे मामले के मुताबिक पीड़ित महिला ने अपने पति और ससुराल वालों पर मानसिक और शारीरिक प्रताडऩा के कई गंभीर आरोप लगाए थे। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गोतम मनन की अदालत ने सभी आरोपों पर गौर करते हुए आरोपी पति को प्रति माह 30 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।

मामले के मुताबिक पीड़िता अपराजिता मदहोक ने अपने पति जयेश भारद्वाज और उसके ससुराल वालों के खिलाफ घरेलू हिंसा का केस फाइल किया था। जिसके बचाव में जयेश ने महिला कोर्ट में घरेलू हिंसा एक्ट, 2005 दायर किया था। 
अपराजिता का आरोप था कि उसके पति और ससुराल वाले उसे प्रताडि़त करते थे और छोटी-छोटी बात पर मारते-पीटते थे।

पीड़िता का कहना था कि उसका पति 2 लाख प्रति महीना कमाता है, जिसमें से उसे 1 लाख रुपये गुजारा भत्ते के तौर पर मिलने चाहिए। वहीं, आरोपी पति जयेश ने इस बात का विरोध करते हुए कोर्ट में बैंक डिटेल्स दिखाई और बताया कि वह महीने में 1 लाख 70 हजार रुपये ही कमाता है और इतना ही नहीं, अपराजिता भी महीने में 50 हजार रुपये कमा लेती है।

लेकिन अपराजिता ने सभी बातों को गलत बताया और कहा कि वह जैसे-तैसे करके 36 हजार रुपये ही कमा पाती है। कोर्ट ने अपराजिता से 3 सप्ताह के अंदर अपनी इनकम डिटेल्स देने का आदेश दिया है और साथ ही जयेश से अपराजिता को हर महीने 30 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।

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