Wednesday, Nov 30, 2022
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was cheating on the pretext of getting a job at the airport

एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर कर रहा था ठगी

  • Updated on 9/3/2022

आईजीआई पुलिस ने शातिर को शिकायत मिलने के पांच घंटों में किया गिरफ्तार
- अब तक 20 से अधिक लोगों से कर चुका है ठगी, प्रत्येक से लिए थे 10-10 हजार रुपये

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।


आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस की टीम ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, फर्जी जॉब रैकेट चला रहा था। बेरोजगार युवकों को एयरपोर्ट में नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी किया करता था। इसके खिलाफ 2 सितंबर को करीब 11 युवकों ने थाने में शिकायत दी थी। शिकायत मिलने के पांच घंटों के अंदर पुलिस ने आरोपी को नजफगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी हेमंत कुमार से पुलिस ने एक उपस्थिति रजिस्टर जिसमें वह 16 अगस्त 2022 से सभी उम्मीदवारों की दैनिक आधार पर उपस्थिति दर्ज कर रहा था, 12 हवाई अड्डा प्रवेश पास। (10 खाली और 2 भरे हुए), जीएमआर स्ट्रैप वाला एक कार्ड और एक मोबाइल फोन बरामद की है।
डीसीपी तनु शर्मा ने बताया कि 2 सितंबर को सोनीपत निवासी प्रवीण व 10 अन्य युवकों ने आईजीआई एयरपोर्ट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में बताया था कि हेमंत कुमार ने उन्हें आईजीआई एयरपोर्ट पर 25 हजार प्रतिमाह वेतन पर नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था। इसके लिए उसने प्रत्येक से 10-10 हजार रुपये लिए थे। उनमें से कुछ तो एयरपोर्ट टर्मिनल के बाहर लिफ्ट मशीनों और एस्केलेटर पर नाइट शिफ्ट में ड्यूटी कर रहे थे। आरोपी ने उन्हें एयरपोर्ट पास के लिए एयरपोर्ट एंट्री फॉर्म भी दिए थे, जिन्हें उन्होंने भरकर आरोपी को सौंप दिया था, लेकिन उनके पास कोई पास या आईडी कार्ड नहीं है। बाद में वह उन्हें बहाने बनाकर टालने लगा था।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज कर एसीपी आईजीआई वीरेंद्र मोर के निरीक्षण और एसएचओ आईजीआई इंस्पेक्टर यशपाल के नेतृत्व में एसआई मुकेश कुमार व एचसी नितिन की टीम ने जांच शुरू की।  उसे पकड़ने के लिए टीम ने तकनीकी निगरानी का इस्तेमाल किया और गुप्त मुखबिरों को भी तैनात किया। टीम को सफलता मिली और एफआईआर दर्ज होने के 5 घंटों के भीतर धोखेबाज हेमंत कुमार नजफगढ़ से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

खुद करता था एयरपोर्ट में एयरोब्रिज सर्विस देने वाली कंपनी में काम
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह 2018 से 2022 तक एसएएस और आईसीएस नाम दो कंपनी में काम करता था। यह कंपनी एयरपोर्ट पर एयरोब्रिज रखरखाव का काम करती है, इसमें वह ऑपरेटर का काम करता था। पर जनवरी 2022 में उसकी नौकरी चली गई। पर नौकरी के दौरान उसे  अपना आई कार्ड तैयार करने के लिए एक खाली एयरपोर्ट प्रवेश परमिट (एईपी) आवेदन पत्र दिया गया था। लेकिन उसने उसकी एक प्रति अपने पास रख ली थी। कुछ महीने पहले उसने अपने दोस्तों का एयरपोर्ट टी 3 स्टाफ नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया और उसमें बताया कि वह एयरपोर्ट पर नौकरी दिला सकता है। मैसेज देख सोनीपत के उनके कुछ दोस्तों ने उसे नौकरी को लेकर फोन किया। आरोपी व्यक्ति ने उन्हें बताया कि वह 25 हजार मासिक वेतन की नौकरी दिला सकता है, पर इसके लिए 10 हजार सिक्योरिटी लगेगी। इसके बाद शिकायतकर्ताओं ने ऑनलाइन माध्यम से वह रुपये उसके वॉलेट में डाल दिया था। साथ ही उसने सभी से उनका आधार कार्ड, पैन कार्ड और बिजली बिल और बायोडाटा ले लिया था।

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