Wednesday, Jun 29, 2022
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150 new electric buses will run on the roads from tuesday, will get relief

मंगलवार से 150 नई इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर दौड़ेंगी, मिलेगी राहत

  • Updated on 5/22/2022

--मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 24 मई को इन बसों को हरी झंडी दिखाएंगे
नई दिल्ली /ताहिर सिद्दीकी। दिल्ली सरकार अगले सप्ताह मंगलवार को 150 नई इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतार रही है। इनमें से 100 बसें रोहिणी सेक्टर-37 और 50 बसें मुंडेला कलां डिपो में पार्क की गई हैं। इन बसों को मिलाकर राजधानी में कुल 152 वातानुकूलित लो फ्लोर ई-बसें हो जाएंगी। अभी राजधानी में दो ई-बसें चल रही हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 24 मई को इन बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद ये बसें डीटीसी के बेड़े में शामिल होकर विभिन्न रूटों पर निय‌मित रूप से अपनी सेवाएं देंगी। इस टेंडर के तहत 300 ई-बसें आनी हैं। अगले कुछ दिनों में बाकी बसें भी आ जाएंगी। इसके अलावा 330 ई-बसों को क्लस्टर में भी लाने की योजना है। इसी के साथ डीटीसी ने 1500 और ई-बसों को लाने की मंजूरी दी है।

बता दें कि मुख्यमंत्री केजरीवाल की अध्यक्षता में 27 मार्च 2021 को हुई कैबिनेट की बैठक में डीटीसी के बेड़े में 300 लो फ्लोर इलेक्ट्रिक एसी बसों शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। कैबिनेट नोट के अनुसार पहली बार इतनी बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने वाला दिल्ली पहला राज्य है। डीटीसी की ओर से अक्तूबर 2019 में पहला टेंडर जारी किया गया था, लेकिन इसे रद्द कर दिया गया। जून 2020 में दूसरे टेंडर को भी प्रतिस्पर्धी दरें न मिलने की वजह से रद्द कर दिया गया। तीसरी बार दिसंबर 2020 में टेंडर जारी किया गया, जिसे अमलीजामा पहनाया जा रहा है।
डीटीसी के बेड़े में शामिल होने वाली इन बसों का संचालन ओपेक्स माडल पर किया जाएगा। बिजली से चलने वाली 300 इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन के लिए मेसर्स जेबीएम ने सबसे कम 68.58 रुपए प्रति किमी की दर से बोली लगाई है। दूसरी कंपनी मेसर्स टाटा मोटर्स है। टेंडर की शर्तों के अनुसार मेसर्स जेबीएम को 200 और टाटा मोटर्स को 100 बसों के संचालन करने का काम मिला है। एक बार पूरी तरह चार्ज होने पर बसें कम से कम 120 किमी की दूरी तय कर सकेंगी। आपरेटर 10 साल तक बसों या बैटरी के रखरखाव के लिए जिम्मेदार होगा। आपरेटर समय पर बैटरी बदलने के लिए बाध्य होगा। इन बसों के संचालन के लिए बिजली की खपत का खर्च डीटीसी की ओर से किया जाएगा। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत,चार्जिंग उपकरण और ट्रांसफॉर्मर की लागत आपरेटर द्वारा वहन किया जाएगा।  
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इन डिपो से संबंधित हैं ई-बसें
अभी दिल्ली में दो ई-बसें चल रही हैं। पहली ई-बस रूट संख्या ई-44 पर आईपी डिपो से सर्कुलर सेवा के तहत चल रही है। दूसरी ई-बस मोरी गेट टर्मिनल से नजफगढ़ टर्मिनल के बीच चल रही है। जो 300 ई-बसें आ रही हैं,उनमें 100 बसें मुंडेला कलां में, राजघाट डिपों में 50 व रोहिणी सेक्टर-37 से 150 बसें जोड़ी जाएंगी।

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