Thursday, Jan 20, 2022
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aam aadmi party asked many questions on the chief minister of punjab on sand mining

रेत माइनिंग पर पंजाब के मुख्यमंत्री से आम आदमी पार्टी ने पूछे कई सवाल

  • Updated on 12/5/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। विधानसभा चुनाव से पहले रेत खनन के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ मोर्चाबंदी में जुटी है और आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि चन्नी साहब आज उस साइट पर नहीं गए जहां कल राघव चड्ढा गए थे, वे दूसरी जगह गए और उसे वैध कह रहे हैं। कोई मुख्यमंत्री  इतना मुखर आखिर कैसे हो सकता है। वहीं राघव चड्ढा ने कहा कि चन्नी आज उस माइनिंग साइट पर नहीं गए जहां पर मैंने रेड की थी, वे किसी दूर दराज के इलाके में गए और कह रहे कि यहां वैध माइनिंग हो रही है। 
        पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा अपने निर्वाचन क्षेत्र में अवैध रेता माइनिंग नहीं होने का दावा करने पर आम आदमी पार्टी ने आज आड़े हाथ लिया और आप विधायक व पंजाब के सहप्रभारी ने कहा कि मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी आज किसी दूसरी साइट पर जाकर कह रहे हैं कि अवैध रेता माइनिंग नहीं हो रही है। चन्नी साहब उस माइनिंग साइट पर नहीं गए, जहां पर मैंने रेड की थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चन्नी के निर्वाचन क्षेत्र में कल आम आदमी पार्टी ने रेड करके अवैध रेता माइनिंग का खुलासा किया था। मुख्यमंत्री के संरक्षण में उनके इलाके में ही अवैध रेता माइनिंग सरेआम चल रही है।
       राघव चड्ढा ने चरणजीत सिंह चन्नी से सवाल पूछते हुए कहा कि कितने समय से आपके हल्के में कितने अवैध रेते की माइनिंग चल रही है, इनसे कितना हिस्सा आपके पास पहुंचता है, अगर पहुंचता है तो कितने लाख रूपए मिल रहे हैं, क्या माफिया को संरक्षण देते हैं, क्या उसने पार्टनरशीप है। चन्नी साहब हमारे इन सवालों का जवाब दें। राघव चड्ढा ने एक चि_ी का हवाला देते हुए कहा कि यहां के वन अधिकारी ने कुछ दिन पहले एसएचओ और तहसीलदार को पत्र लिखकर कहा था कि जिंदापुर पिंड में इस जगह अवैध रेता माइनिंग चल रही है, इसे रोकिए। चि_ी में साफ तौर पर कहा गया कि यह जमीन वन विभाग की जमीन के अंतर्गत आती है। यहां पर कोई अवैध गतिविधि नहीं हो सकती है। माइनिंग तो बिल्कुल भी नहीं हो सकती है। यह पत्र लिखने वाले वन अधिकारी का अगले ही दिन चन्नी सरकार ने ट्रांसफर कर दिया। इस पर एसएचओ और तहसीलदार ने कोई कार्रवाई नहीं की। 
 

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