Thursday, Feb 22, 2018

मनोज मर्डर केस में कविनगर पुलिस को मिली एक और बड़ी सफलता

  • Updated on 4/21/2017

Navodayatimesनई दिल्ली/ ब्यूरो। 50 हजार के इनामी कुख्यात बदमाश सुमित जाट को गिरफ्तार करने के बाद कविनगर पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने सुमित जाट के साथी और 5 हजार रुपए के ईनामी बदमाश नितिन रोहटा को बुधवार रात आईएमएस कॉलेज लालकुआं के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक देशी पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। 

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आरोपी नितिन गांव रजापुर थाना सरूरपुर मेरठ में बीते साल हुई कारोबारी मनोज गुप्ता की हत्या और 19 दिसम्बर को गाजियाबाद के कारोबारी बुद्धिराजा से हुई पौने दस लाख रुपए की लूट के मामले में वांछित चल रहा था। मनोज की हत्या के बाद से मेरठ पुलिस द्वारा नितिन पर पांच हजार रुपए का ईनाम घोषित किया गया था।

नौकरी छोड़ करने लगा बदमाशी

एसएचओ कविनगर हेमंत राय का कहना है कि नितिन पेशे से इंजीनियर है। वह ग्रेजुएशन करने के बाद कम्प्यूटर नेटवर्किंग का कोर्स भी कर चुका है। कोर्स करने के बाद नितिन ने आगरा की एक कंपनी में बतौर नेटवर्किंग इंजीनियर के रूप में कुछ साल नौकरी की। जहां उसे 15 हजार रुपए वेतन मिलता था। 

दो साल पूर्व मेरठ में एक शादी समारोह के दौरान उसकी मुलाकात अंबाला कैंट में तैनात सुशील फौजी से हुई। सुशील के संपर्क में आने के बाद वह अपराध की दुनिया से जुड़ गया और उसने सुमित जाट के साथ मिलकर मनोज गुप्ता की हत्या कर दी। पुलिस की मानें तो नितिन पर तीन अपराधिक मामले प्रकाश में आए हैं।

नौकरी में रह कर सुशील चला रहा गैंग 

पुलिस गिरफ्त में आए नितिन ने खुलासा किया है कि सुशील फौजी सेना में नौकरी के दौरान भी वेस्ट यूपी में अपना एक गैंग चला रहा है। वह अपने दुश्मन योगेश भदौड़ा की हत्या कराना चाहता है। उसके गैंग में कुख्यात सुमित जाट समेत मेरठ के कुछ छात्र भी शामिल हैं। छात्रों को वह मौजमस्ती और महंगे शौक के लिए खर्च मुहैया कराने की बात कह कर अपने गैंग में शामिल करता है। उसे भी फौजी ने ऐसा ही कुछ लालच दिया था। 

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सुमित के साथ करता बिल्लू प्रधान की हत्या

पुलिस का कहना है कि नितिन की प्लानिंग सुमित के साथ मिलकर सरूरपुर के गांव रजापुर में बिल्लू प्रधान की हत्या करने की थी। दरअसल, सुमित की अपने गांव के प्रधान बिल्लू से रंजिश चली आ रही है। सुमित जल्द ही बिल्लू की हत्या करना चाहता था,लेकिन उससे पूर्व ही कविनगर पुलिस ने उसे उसके साथी मोंटी के साथ धर दबोचा। नितिन ने कबूला है कि वह कारोबारी बुद्धिराजा से हुई पौने दस लाख की लूट मामले में शामिल था। लेकिन लूट की अधिकांश रकम सुमित और उसका साथी हैप्पी ले गए थे। उसे चंद रुपए ही हाथ लगे थे।   

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