Saturday, May 15, 2021
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caa protests intensified in east delhi khureji and seelampur after shaheen bagh delhi police

शाहीन बाग के बाद खुरेजी, सीलमपुर में CAA के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

  • Updated on 1/16/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली के शाहीन बाग (Shaheen Bagh) के बाद पूर्वी दिल्ली के खुरेजी ( Khureji) और सीलमपुर (Seelampur) में भी CAA के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पूर्वी दिल्ली के खुरेजी में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने उनके प्रदर्शन स्थल पर रात दो बजे आकर उन्हें जबरन वहां से हटाने की कोशिश की, बिजली के कनेक्शन काट दिए और उनके तंबू को गिरा दिया। दिल्ली पुलिस ने हालांकि इन दावों को खारिज किया है और ‘‘ऐसी किसी भी कार्रवाई’’ से इनकार किया।

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पूर्वी दिल्ली के इस इलाके में नागरिकता संशोधन कानून तथा संभावित राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) के विरोध में महिलाओं और बच्चों समेत हजारों प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को प्रदर्शन शुरू किया था। एक स्थानीय निवासी ने दावा किया कि वह भी घटनास्थल पर ही मौजूद था। उसने बताया, ‘‘रात दो बजे के करीब प्रदर्शन स्थल पर 15 महिलाओं समेत करीब 36 प्रदर्शनकारी मौजूद थे तभी वहां पुलिसकर्मी घुसे और उन्होंने लाइटें बंद कर दीं जिससे वहां अंधकार छा गया।’’

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करीब 50 वर्षीय शख्स ने सुरक्षा कारणों से अपना नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया, ‘‘इसके बाद उन्होंने (पुलिसकर्मियों ने) तंबू को सहारा देने वाले खंभे गिरा दिए।’’ उसने बताया कि कथित पुलिस कार्रवाई में कोई घायल नहीं हुआ। उसने दावा किया, ‘‘वे (पुलिसकर्मी) वहां आए और जो भी उन्होंने सोचा था उसे उन्होंने अंजाम दिया। लेकिन जैसे ही यह बात स्थानीय लोगों के बीच फैली, जल्द ही वहां सैकड़ों लोग जमा हो गए जिसके कारण पुलिसर्किमयों को वहां से जाना पड़ा।’’ 

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बाद में प्रदर्शनकारियों ने फिर से तंबू लगा दिया और सुबह 11 बजे तक प्रदर्शनस्थल पर कई लोग जमा हो गए। महिलाएं इसकी कमान संभाल रही हैं और ‘‘आजादी’’ तथा ‘‘आवाज दो हम एक हैं’’ के नारे लगा रही हैं। जफर अहसान करीमी खुरेजी में गरीबों के लिए स्कूल चलाते हैं, उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को ‘‘नाइंसाफी’’ बताया। उन्होंने कहा, ‘‘उस दौरान देर रात करीब दो बजे प्रदर्शन स्थल पर कई औरतें थीं और वे (पुलिसकर्मी) तोड़ फोड़ के इरादे से जबरन घुस गए। उनके साथ कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं थी। क्या यह सही है?’’ 

सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर उन्होंने कहा, ‘‘हमलोग भारतीय हैं या नहीं इसके लिए सरकार को हमसे हमारे दस्तावेज नहीं जांचने चाहिए बल्कि उन्हें हमारा डीएनए जांच करना चाहिए तब उन्हें पता चलेगा कि हमारी 10 पीढिय़ां इस देश से संबंधित है।’’ 

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पूर्वी दिल्ली के संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने बताया, ‘‘प्रदर्शन स्थल पर ऐसा कोई बलप्रयोग नहीं हुआ। अगर पुलिस प्रदर्शनकारियों को हटाना चाहती तो वह ऐसा करती। लेकिन प्रदर्शनकारी अब भी वहां मौजूद हैं।’’

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अधिकारी ने बताया कि स्थिति पर नजर रखने के लिए कभी कभी पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों से बात करते हैं। कुमार ने कहा, ‘‘कानून व्यवस्था की अब तक कोई स्थिति नहीं आई है क्योंकि प्रदर्शन सड़क के एक ओर हो रहा है। यातायात की आवाजाही भी सामान्य है।’’ 
 

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