Sunday, Oct 02, 2022
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दिल्ली में ठेके खुले, लेकिन नहीं मिली शराब

  • Updated on 8/3/2022


-मंगलवार से शराब की 125 दुकानें और बंद, 343 दुकानें रह गईं
नई दिल्ली। दिल्ली में सोमवार को दुकानें बंद रहने के एक दिन बाद मंगलवार को उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना के आदेश पर निजी शराब की दुकानों के साथ-साथ होटल और बार भी खुल गए। लोग दुकानों पर पहुंचे, मगर दुकानों में शराब नहीं थी। फिलहाल राजधानी में शराब की कमी हो गई है। हालांकि एक अधिकारी ने दावा किया कि बुधवार से स्थिति सामान्य होनी शुरू हो जाएगी। वहीं, कई दुकानों पर लोग ताले लगे देखकर लौट गए। क्योंकि दिल्ली में छह जोन चला रहीं कंपनियों ने मंगलवार से काम छोड़ दिया, जिससे शराब की 125 दुकानें और बंद हो गई हैं। इससे दिल्ली में 31 जुलाई से पहले चल रहीं 468 शराब की दुकानों की संख्या घटकर 343 रह गई है। राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न हिस्सों में सुबह से खोली गईं कुछ दुकानों के बाहर हल्की भीड़ देखी गई।

दरियागंज में एक शराब की दुकान के विक्रेता ने कहा कि आमतौर पर सुबह के घंटों में कारोबार धीमा होता है। साथ ही, मंगलवार के साथ-साथ सावन का महीना भी होता है, जिसके दौरान कई लोग शराब का सेवन करने से बचते हैं। दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने सोमवार को इस अवधि के लिए लागू शुल्क के भुगतान पर खुदरा और थोक लाइसेंस को 31 अगस्त तक बढ़ाने के आदेश जारी किए थे। एक सितंबर से आबकारी नीति 2020-21 अस्तित्व में आ जाएगी और दिल्ली सरकार पुरानी आबकारी व्यवस्था में वापस आ जाएगी और अपने निगमों के माध्यम से शहर में शराब की दुकान चलाएगी। जनपथ इलाके में एक शराब की दुकान के बाहर कुछ लोग देखे गए, दुकान के कर्मचारियों ने कहा कि लाइसेंसों का नवीनीकरण किया जा रहा है और व्यापार सामान्य रूप से शुरू होने से पहले शराब का स्टॉक किया जाएगा। दुकान के बाहर एक ग्राहक ने कहा कि अलमारियों पर शराब है, लेकिन वे इसे नहीं बेच रहे हैं और हमें बाद में आने के लिए कह रहे हैं। दिल्ली सरकार ने खुदरा और थोक शराब लाइसेंसधारियों को संक्रमण काल के लिए एक महीने का समय दिया है, ताकि शहर में शराब की किल्लत न हो या इससे कोई अव्यवस्था न फैले। भारतीय मादक पेय कंपनियों के परिसंघ (सीआईएबीसी) ने सरकार द्वारा एक महीने के विस्तार को अस्वीकार किया है। सीआईएबीसी के महानिदेशक विनोद गिरी ने कहा कि स्टार्ट-स्टाप-स्टार्ट मोड या एक महीने कीअल्पकालिक एक्सटेंशन सिर्फ  आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करते हैं, यह प्रक्रिया ठीक नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही इसका एक स्थायी समाधान निकालेगी।
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16 जोन में शराब बिक्री का काम बंद 
दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर 2021 को आबकारी नीति 2021-22 के तहत शराब बिक्री का कार्य निजी हाथों में दे दिया था। निजी फर्मों को खुली बोली के जरिए 849 शराब ठेकों के लाइसेंस जारी किए गए थे। शहर को 32 जोन में विभाजित किया गया था, जिनमें से प्रत्येक में अधिकतम 27 दुकानें खोली जा सकती थीं। हालांकि 32 जोन में से 10 जोन के लाइसेंस कंपनियों ने गत 31 मार्च से 15 जुलाई तक सरकार को लाइसेंस वापस कर दिए थे। कंपनियों ने छह जोन के लाइसेंस एक अगस्त को वापस कर दिए हैैं। यानी 32 में से 16 जोन में शराब बिक्री का काम बंद हो गया है।

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सरकारी निगमों ने शराब की दुकानें खोलने की तैयारी शुरू की
इस बीच दिल्ली सरकार ने अपने चारों निगमों को एक सितंबर से शराब की दुकानें खोलने के लिए सक्रिय कर दिया है। ये निगम हैं दिल्ली राज्य औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास निगम (डीएसआईआईडीसी), दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी), दिल्ली उपभोक्ता सहकारी थोक स्टोर (डीसीसीडब्ल्यूएस) और दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (डीएससीएससी) शामिल हैं। आबकारी नीति 2021-22 के लागू होने से कुछ दिन पहले ही शहर में इन चारों निगमों की दुकानों पर दिल्ली सरकार द्वारा शराब की खुदरा बिक्री बंद कर दी गई थी। 17 नवंबर 2021 को आबकारी नीति 2021-22 के लागू होने से पहले चारों निगम 864 में से 475 शराब के ठेके चलाते थे, जबकि बाकी निजी लाइसेंसधारियों द्वारा चलाए जा रहे थे।

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