Wednesday, Apr 14, 2021
-->
covid19: delhi hc makes big changes rules before traveling in car mask compulsory anjsnt

दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश- कार में अकेले सफर कर रहे हैं तो भी पहनना होगा मास्क

  • Updated on 4/7/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान चेहरे को ढकना ‘सुरक्षा कवच’ की तरह है और निजी वाहन में ड्राइविंग करते हुए अकेले होने के बावजूद भी मास्क पहनना अनिवार्य है। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने निजी वाहन में अकेले ड्राइविंग करते हुए मास्क नहीं पहनने पर चालान काटने के दिल्ली सरकार के फैसले में हस्तक्षेप करने से भी इनकार करते हुए कहा कि अगर किसी वाहन में केवल एक व्यक्ति बैठा है तो उसे भी सार्वजनिक स्थान माना जाएगा।

अदालत ने कहा, ‘कोविड-19 महामारी के संदर्भ में मास्क पहनना अनिवार्य है।’ अदालत ने कहा कि मास्क पहनना जरूरी है चाहे किसी व्यक्ति ने टीका लगवा रखा हो या नहीं। न्यायमूर्ति सिंह ने वकीलों की उन चार याचिकाओं को खारिज करते हुए ये टिप्पणियां की जिनमें अकेले निजी वाहन चलाते हुए मास्क न पहनने के लिए भी ‘चालान’ काटने को चुनौती दी गई थी।

उन्होंने कहा, ‘मास्क पहनना कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए ‘सुरक्षा कवच’ की तरह है।’ अदालत ने कहा कि मास्क व्यक्ति की रक्षा करता है और साथ ही उस व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों की भी रक्षा करता है।     

कोरोना को रोकने के लिए दिल्ली में नाइट कर्फ्यू असरदार नहीं- एक्सपर्ट

 

उसने कहा कि चेहरे पर मास्क पहनना ‘ऐसा कदम है जिसने महामारी के दौरान लाखों लोग की जान बचाई।’ अदालत ने कहा, ‘वकील होने के नाते याचिकाकर्ताओं को महामारी को फैलने से रोकने के लिए इन कदमों को लागू करने में मदद करनी चाहिए न कि इसकी वैधता पर सवाल उठाने चाहिए।’ उसने कहा कि वकीलों द्वारा इन कदमों का पालन करने से आम जनता भी ऐसा करने के लिए प्रेरित होगी।

सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील फरमान अली माग्रे ने अदालत को बताया कि उसने ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया है जिसमें लोगों को कार में अकेले बैठे रहने के दौरान भी मास्क पहनने के लिए कहा गया है।

मंत्रालय ने कहा कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है और दिल्ली सरकार को इस पर फैसला लेना है। दिल्ली सरकार ने अदालत को बताया था कि पिछले साल अप्रैल में एक आदेश के जरिए किसी आधिकारिक या निजी वाहन में ड्राइविंग करते वक्त मास्क पहनना अनिवार्य किया गया था और यह अब भी लागू है। साथ ही उसने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने निजी वाहन को सार्वजनिक स्थान बताया था।

दिल्ली में 24 घंटे में 5 हजार से ज्यादा केस 
बता दें कि दिल्ली में मंगलवार को कोरोना के 5100 मामले सामने आए और बीमारी से 17 मरीजों की मौत हो गई। इससे पहले 27 नवंबर 2020 को 5 हजार 482 मामले सामने आए थे। संक्रमण दर 4.93% हो गई है। एक दिन में रिकॉर्ड 1 लाख 3 हजार 453 लोगों की कोरोना जांच की गई। इसके साथ ही कोरोना रिकवरी दर घटकर करीब 95 फीसदी हो गई है। सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 17 हजार 332 हो गई है।

अब तक कुल इतने लोग हो चुके संक्रमित
रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में अब तक 6 लाख 85 हजार 62 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 6 लाख 56 हजार 617 लोग कोरोना वायरस को मात देकर ठीक हो चुके हैं। वहीं दिल्ली में कुल मृत्यु दर 1.62% है। दिल्ली के अस्पतालों के कुल 7067 में से 3801 बेड खाली हैं। 

कोरोना से लड़ने को दिल्ली सरकार 2 से अधिक मरीज मिलने पर बनाएगी माइक्रो कंटेनमेंट जोन

अब तक इतने मरीज गंवा चुके जान
अब तक कोरोना के 11 हजार 113 मरीज अपनी जान गवा चुके हैं। मंगलवार को जारी दिल्ली सरकार की रिपोर्ट के अनुसार एक दिन में 2 हजार 340 और मरीज ठीक हुए हैं, लेकिन कई दिनों से नए मामलों की तुलना में स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या कम होने से कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।

comments

.
.
.
.
.