Thursday, Oct 28, 2021
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दिल्ली रोजी रोटी अधिकार अभियान ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र, दिए सुझाव

  • Updated on 5/20/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। राशनकार्डधारियों को नॉन-पीडीएस के तहत राशन वितरण करने की घोषणा हाल ही में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने की है। जिसके बाद दिल्ली रोजी रोटी अधिकार अभियान ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पंजीकरण प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए कहा है। 

मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा का स्वागत करते हुए अभियान ने लिखा है कि उन मुद्दों को योजना के निर्माण में ध्यान में रखा जाना चाहिए जिससे सुनिश्चित हो सके कि जरूरतमंद लोगों को ही राशन का लाभ प्राप्त हो वो भी सुगम पंजीकरण प्रक्रिया के द्वारा क्योंकि दिहाडी मजदूरों, झुग्गाी-झोपडियों के निवासी व प्रवासी कामगारों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उनका कहना है कि पिछले साल आवेदन प्रक्रिया जोकि वेबसाइट के माध्यम से की गई थी उसके बहिष्कार के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय तक जाना पडा था।

इसलिए इस बार हेल्पडेस्क की स्थापना की जानी चाहिए क्योंकि लाभार्थी समाज के आर्थिक रूप से संकटग्रस्त वर्ग से है और ई-कूपन के लिए आवेदन करना उसके लिए एक गंभीर चुनौती होगी। साथ ही वॉक इन रजिस्ट्रेशन भी किया जाना चाहिए। साथ ही दिल्ली का प्रमाण पत्र नहीं मांगा जाना चाहिए बल्कि स्व-प्रमाणन आधार पर वितरण होना चाहिए।

क्योंकि हाल ही में 13 मई प्रवासी श्रमिक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भारत संघ को निर्देश देते हुए प्रवासियों को सूखा राशन उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली, यूपी और हरियाणा की सरकारों को कहा है। जिनके पास प्रमाण पत्र फिलहाल नहीं हैं। वहीं लॉकडाउन में होने वाली आवाजाही पर लगे प्रतिबंध को ध्यान में रखते हुए या तो सरकारी राशन की दुकानों से राशन वितरित करवाया जाना चाहिए या फिर प्रत्येक नगरपालिका वार्ड में प्वाइंट बनाए जाने चाहिए।

किट भी वितरित की जाए
अभियान ने मुख्यमंत्री को दाल, तेल, चीनी, मसाला, मास्क और साबुन राशन के साथ एक किट बनाकर  उपलब्ध करवाने को कहा है ताकि लोग खुद को हलकान महसूस ना करें। जिसे राशनकार्डधारकों को भी दिया जाना चाहिए। साथ ही आपदा प्रबंधन अधिनियम के जब तक लागू है तब तक सूखे राशन का वितरण जारी रखना चाहिए। 

बनाया जाए कोविड राशन कार्ड
अभियान ने कहा कि महामारी को देखते हुए जरूरतमंदों के लिए कोविड राशन कार्ड भी बनाए जा सकते हैं और खाद्यान्न मुहैया करवाया जा सकता है। दिल्ली में पीडीएस कवरेज सिर्फ 37 फीसदी है जबकि आबादी कम से कम 60 से 70 फीसदी आबादी को भोजन की सुरक्षा व सहायता की आवश्यकता है। क्योंकि 60 लाख लोगों ने ई-कूपन के लिए आवेदन किया था जिनके पास राशन कार्ड नहीं था। साथ ही पारदर्शिता और शिकायत निवारण पर भी जोर देना चाहिए व घोषणा के हिंदी में प्रचार-प्रसार पर भी।

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