Friday, May 14, 2021
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NGT के आदेश ताक पर, रिश्वत लेकर खुलेआम हो रहा है निर्माण

  • Updated on 11/14/2017

नई दिल्ली/ब्यूरो। प्रदूषण चरम पर है और सरकार से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक सब ङ्क्षचतित हैं। प्रदूषण न होने तक प्रधानमंत्री मोदी के बहूमुखी एनएच-24 के काम को भी रोक दिया है, लेकिन  राजधानी की तीनों नगर निगम को फैलते प्रदूषण से कोई फर्क नहीं पड़ता। ये हम नहीं बल्कि तस्वीरें कह रही हैं।

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‘नवोदय टाइम्स’ ने राजधानी के साऊथ एमसीडी, ईस्ट एमसीडी और नॉर्थ एमसीडी के इलाकों का जायजा लिया तो पता चला कि एनजीटी के आदेशों का खुला उल्लंघन करते हुए मकानों का निर्माण कार्य जारी है। हालांकि, जब तीनों निगम के शीर्ष अधिकारियों सहित मेयर से बात की गई तो उन्होंने किसी भी हो रहे निर्माण कार्य की बात को गलत ठहराया, लेकिन तस्वीरें कुछ और बयां करती हैं। 

शहर में लगातार हो रहे कंस्ट्रक्शन पर हाईकोर्ट में वकील विजय दुआ ने एक याचिका भी दायर की है, जिसके तहत उन्होंने बताया है पूर्वी दिल्ली के शाहदरा, विनोद नगर, मंडावली, खुरेजी झील, उस्मानपुर, वेलकम में धड़ल्ले से निर्माण कार्य जारी है। यहां मकान ईएमसीडी के जेई और अधिकारियों की मौजूदगी में बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने कई फोटो सहित प्रॉपर्टी की जानकारी कोर्ट को दी जाने वाली याचिका में दी है। उनके मुताबिक सबसे जयादा निर्माण लाल डोरे वाली जमीनों पर किया जा रहा है। उन्होंने अपनी याचिका में ये भी बताया कि इस काम में एमसीडी ही नहीं बल्कि दिल्ली पुलिस के लोग भी शामिल हैं। 

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इलाके के एसएचओ जेई के साथ मिल रिश्वत लेकर हो रहे निर्माण पर आंखें मूंदे बैठे हैं। प्रकरण पर मालवीय नगर में रहने वाले पेशे से सीए रितेश वासवानी ने बताया कि एनजीटी के आदेश के बाद उनके ब्लॉक में एक बिल्डिंग का निर्माण कार्य जारी है। इसी तरह बदरपुर, जैतपुर, जसोला, मुनीरका, हौजखास समेत कई लाल डोरा वाले इलाकों में मकानों का निर्माण जारी है। 

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