Saturday, Oct 31, 2020

Live Updates: Unlock 5- Day 31

Last Updated: Sat Oct 31 2020 03:22 PM

corona virus

Total Cases

8,139,081

Recovered

7,432,397

Deaths

121,699

  • INDIA8,139,081
  • MAHARASTRA1,672,858
  • ANDHRA PRADESH1,648,665
  • KARNATAKA820,398
  • TAMIL NADU722,011
  • UTTAR PRADESH480,082
  • KERALA425,123
  • NEW DELHI381,644
  • WEST BENGAL369,671
  • ARUNACHAL PRADESH325,396
  • ODISHA290,116
  • TELANGANA238,632
  • BIHAR215,964
  • ASSAM206,015
  • RAJASTHAN195,213
  • CHHATTISGARH185,306
  • CHANDIGARH183,588
  • GUJARAT172,009
  • MADHYA PRADESH170,690
  • HARYANA165,467
  • PUNJAB133,158
  • JHARKHAND101,287
  • JAMMU & KASHMIR94,330
  • UTTARAKHAND61,915
  • GOA43,416
  • PUDUCHERRY34,908
  • TRIPURA30,660
  • HIMACHAL PRADESH21,577
  • MANIPUR18,272
  • MEGHALAYA8,677
  • NAGALAND8,296
  • LADAKH5,840
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS4,305
  • SIKKIM3,863
  • DADRA AND NAGAR HAVELI3,246
  • MIZORAM2,694
  • DAMAN AND DIU1,381
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com

एडहॉक को स्थाई के लिए डूटा ने दिया धरना, आर्ट फैकल्टी से कुलपति कार्यालय तक निकाला मार्च

  • Updated on 11/5/2016

Navodayatimesनई दिल्ली (ब्यूरो): दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (डूटा) ने एडहॉक और गेस्ट टीचर्स  को परमानेंट करने की मांग को लेकर शुक्रवार को नॉर्थ कैंपस स्थित आर्ट फैकल्टी के बाहर धरना प्रदर्शन किया।

इस दौरान डीयू के कॉलेजों में पढ़ाने वाले एडहॉक और गेस्ट टीचर्स बड़ी संख्या में धरने में शामिल हुए। इस दौरान शिक्षकों ने कुलपति कार्यालय तक मार्च भी निकाला और डीयू प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।

मालूम हो, लंबे समय से डीयू के कॉलेजों में एडहॉक और गेस्ट के तौर पर पढ़ाने वाले टीचर्स परमानेंट नियुक्ति का इंतजार कर रहे है, जिनकी संख्या 4500 के करीब पहुंच गई हैं। इन शिक्षकों को न तो समय पर वेतन ही मिलता है और नहीं पर्याप्त छुट्टी मिल रही है। साथ ही एमएचआरडी और यूजीसी द्वारा उनके भविष्य से खिलवाड़ भी कर रहा है।  

हिन्दी अनिवार्य करने पर हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे नॉर्थ-ईस्ट छात्र

डूटा अध्यक्ष डॉ. नंदिता नारायण के मुताबिक एडहॉक और गेस्ट टीचर्स को जल्द डीओपीटी रोस्टर के तहत परमानेंट किया जाए। उन्होंने कहा कि एडहॉक टीचर्स को हम परमानेंट करवाकर ही रहेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा एडहॉक टीचर्स की स्थाई नियुक्ति नहीं करके उनका मनोबल तोडऩे की कोशिश हो रही हैं।

वहीं एनडीटीएफ प्रजिडेंट ए.के.भागी का कहना था कि डीयू खुद ही वर्ष 2007 से एडहॉक टीचर्स को परमानेंट करने के लिए इंटरव्यू न लेकर नियमों की अवहेलना कर रहा हैं।

उन्होंने कहा  कि किसी एडहॉक टीचर के कॉलेज में चार महीने पढ़ाने के बाद उसका इंटरव्यू लेकर उस पोस्ट को भरा जाना चाहिए। मगर यहां नियुक्ति करने की बजाए उसे निकाल दिया जाता है या दोबारा से एडहॉक के तौर पर नियुक्त करते हैं।

नीट अभ्यर्थियों के लिए मॉक टेस्ट का आयोजन

उधर, डूटा के पूर्व अध्यक्ष आदित्य नारायण मिश्रा का कहना था कि सरकार के द्वारा फंड में कटौती करके उच्च शिक्षा को बर्बाद करने की कोशिश हो रही है।

उनका कहना था कि एडहॉक टीचर्स की लड़ाई लंबे समय से लड़ी जा रही है, जिसके लिए हम सभी का एकजुट रहना जरूरी है, तब ही यूनिवर्सिटी प्रशासन मांगों को मानेगा। इस दौरान मनोज, मुकेश, राजेश, हितांशु इत्यादि एडहॉक शिक्षकों ने अपने विचार रखे।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.