Tuesday, Oct 04, 2022
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निर्माण स्थलों पर निर्माण मजदूरों की होगी स्वास्थ्य जांच

  • Updated on 8/2/2022

-श्रमिकों के बच्चों के लिए होगी मोबाइल क्रेच की शुरुआत
-आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी मोबाइल क्रेच
-दिल्ली सरकार ने लिया फैसला
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने निर्माण श्रमिकों के लिए फैसला लिया है कि निर्माण स्थलों पर उनके स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। इसके अलावा उनके बच्चों के लिए मोबाइल क्रेच की सुविधा शुरू होगी। दिल्ली कंस्ट्रक्शन वेलफेयर बोर्ड की 39वीं बोर्ड बैठक में सोमवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने यह फैसला लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार निर्माण श्रमिकों के साथ है। डॉक्टर ऑन व्हील योजना के तहत निर्माण स्थलों पर श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच होगी। निर्माण स्थलों पर श्रमिकों के बच्चों को बेहतरीन डे-केयर की व्यवस्था की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना और प्रदूषण के दौरान थमे निर्माण कार्यों के बावजूद निर्माण श्रमिकों के साथ केजरीवाल सरकार खड़ी थी। 600 करोड़ से अधिक की सहायता राशि देकर आर्थिक मदद की। निर्माण श्रमिकों के लिए हमारी सरकार 17 वेलफेयर स्कीम चला रही है। सरकार द्वारा निर्माण श्रमिकों के लिए फ्री यात्रा स्कीम की भी शुरुआत की गई है। पिछले साल स्कीमों के तहत निर्माण श्रमिकों को 13 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी गई।
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लेबर कार्ड के लिए अब तक 17 लाख आवेदन
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में बोर्ड के पास लेबर कार्ड बनवाने के लिए 17 लाख से अधिक आवेदन आ चुके हैं। ऐसे में पात्र लोगों को ही इसका फायदा मिले ये सुनिश्चित करने के लिए उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक स्वतंत्र एजेंसी द्वारा सामाजिक ऑडिट करवाने का निर्देश दिया। इसके लिए दो सदस्यीय समिति बनाई जाएगी जो ऑडिट के लिए बोर्ड को अपने प्रस्ताव भेजेगी और उसके अनुसार ऑडिट करवाया जाएगा। पिछले दिनों सिसोदिया द्वारा अशोक विहार स्थित श्रम कार्यालय का औचक निरीक्षण किया गया था। वहां अनियमितता पाए जाने पर कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया था।
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निर्माण श्रमिकों के 16 हजार बच्चों को दी 12.35 करोड़ की स्कॉलरशिप
दिल्ली सरकार अपनी इस योजना के तहत पहली से आठवीं तक के बच्चों को सालाना 6 हजार रुपए, नौवीं व दसवीं के बच्चों को सालाना 8400 रुपए व 11वीं एवं 12वीं के बच्चों को सालाना 12 हजार रुपए की स्कालरशिप देती है। अधिकारियों ने बताया कि इस स्कॉलरशिप के तहत छठी से आठवीं तक के 8062 बच्चों को 4.8 करोड़ रुपए, नौवी व दसवीं में पढ़ रहे 4,888 बच्चों को 4.1 करोड़ रूपए व 11वीं एवं 12वीं के 2841 बच्चों को 3.4 करोड़ रुपए की राशि वितरित की गई।

 

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