Wednesday, Oct 20, 2021
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in the investigation of delhi riots, again reprimanded for the poor working style of the police

दिल्ली दंगों की जांच में पुलिस की लचर कार्यशैली पर फिर फटकार

  • Updated on 9/7/2021

नई दिल्ली, टीम डिजिटल। मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अरुण कुमार गर्ग की अदालत अदालत ने दिल्ली दंगों से संबंधित मामलों की जांच में दिल्ली पुलिस की लचर कार्यशैली को लेकर एक बार फिर कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने कहा पुलिस जांच किए बिना ही अतिरिक्त आरोपपत्र दायर कर रही है और उसके गुण-दोष के आधार पर इस मामले को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।


अदालत ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को ऐसे मामलों में कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए ताकि दंगों के मामलों में उचित और शीघ्र जांच या आगे की जांच सुनिश्चित की जा सके। अदालत ने कहा मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के तहत इस तथ्य के साथ कि आरोपी लगभग एक वर्ष से अधिक समय से जेल में सजा काट रहा है और अदालत डीसीपी और उससे अधिक रैंक तक पर्यवेक्षण अधिकारियों सहित जांच एजेंसी के ढुलमुल रवैये के कारण मामले की सुनवाई करने में असमर्थ है।


अदालत ने कहा ऐसे में मामले को पुलिस आयुक्त के पास भेजना जरूरी है ताकि वर्तमान मामले में उचित और शीघ्र जांच,आगे की जांच सुनिश्चित की जा सके और साथ ही इस न्यायालय द्वारा दिए गए समय के भीतर अन्य दंगों के मामलों की जांच सुनिश्चित की जा सके।


अदालत भजनपुरा व गोकुल पुरी थाना क्षेत्र में हुए दंगो के मामले की सुनवाई कर रही थी। अभियोजन पक्ष ने तर्क रखा कि दंगों के दौरान एक घर को लूटा और नष्ट किया गया। वहीं विशेष अभियोजक ने अदालत को बताया कि बरामद सीसीटीवी फुटेज मुख्य साक्ष्य है और उसे जब्त कर एक अन्य प्राथमिकी में प्रयोगशाला भेजा गया था जिसे अनुपूरक रिपोर्ट के साथ दायर किया जाएगा।


अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को चेतावनी दी कि इस मामले में पुलिस को तीन सप्ताह की अवधि के भीतर अनुपूरक आरोप पत्र दाखिल करने का समय प्रदान किया जाता है। यदि ऐसा नहीं किया गया तो इस मामले की सुनवाई शुरु कर दी जाएगी। अदालत ने कहा मामले में आरोपी एक वर्ष से न्यायिक हिरासत में है।

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