Tuesday, Jan 25, 2022
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in view of the danger of omicron, the government prepared 64 thousand oxygen beds

ओमिक्रोन के खतरे को देखते हुए सरकार ने की 64 हजार ऑक्सीजन बेड की तैयारी

  • Updated on 12/1/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के संभावित खतरे से लड़ने के लिए कमर कस रही है। दिल्ली सरकार करीब 64 हजार ऑक्सीजन बेड की तैयारी कर रही है। इसमें से 30 हजार ऑक्सीजन बेड के लिए तैयारी शुरू हो चुकी है। कोरोना की 32 प्रकार की दवाइयों के भंडारण के आदेश दिए गए हैं। ऑक्सीजन की आपूर्ति और भंडारण सुविधाओं को भी बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए मंगलवार को संबंधित विभागों के साथ बैठक की।

बैठक के बाद प्रेसवार्ता कर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार हमने 30 हजार ऑक्सीजन बेड तैयार किए हैं। इनमें से 10 हजार आईसीयू बेड तैयार हैं और 6,800 बेड निर्माणाधीन हैं जो फरवरी तक तैयार हो जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम हर निगम वार्ड में दो सप्ताह के नोटिस पर 100 ऑक्सीजन बेड तैयार कर देने की तैयारी करके चल रहे हैं। दिल्ली में 272 निगम वार्ड हैं, जिसका अर्थ है कि हम एक छोटी सूचना पर 27 हजार ऑक्सीजन बेड तैयार करने में सक्षम होंगे। इस तरह 64 हजार ऑक्सीजन बेड का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 32 तरह की दवाओं के भंडारण का आदेश दे रही है, ताकि इन दवाओं के दो महीने का बफर स्टॉक तैयार किया जा सके और मैनपावर को प्रशिक्षण दिया जा सके। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन को मजबूत करने की तैयारी की जा रही है। सीएम ने कहा कि दिल्ली अप्रैल और मई में दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन संकट से जूझ रही थी, लेकिन अब दिल्ली के सभी अस्पतालों को मिलाकर 750 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की क्षमता हो गई है।

पिछली बार सबसे ज्यादा दिक्कत ऑक्सीजन स्टोरेज और वितरण की थी।अब सरकार ने 442 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन की अतिरिक्त भंडारण सुविधा तैयार की है। सीएम ने कहा कि दूसरी लहर के दौरान हमारे पास ऑक्सीजन उत्पादन करने की शून्य क्षमता थी। हमने अब ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित किए हैं जो 121 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का प्रतिदिन उत्पादन कर सकते हैं। पिछली बार अस्पताल ऑक्सीजन के लिए एसओएस संदेश भेज रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब दिल्ली के सभी ऑक्सीजन टैंकों में टेलीमेट्री डिवाइस लगाने का निर्देश दिया है,ताकि हमारे वार रूम को पता चल सके कि ऑक्सीजन कहां खत्म हो रही है।

सीएम ने कहा कि पिछली बार हमारे पास अतिरिक्त ऑक्सीजन सिलेंडर भी नहीं थे। मगर अब सरकार ने चीन से छह हजार सिलेंडर आयात किए हैं और तीन निजी रिफिलिंग प्लांट प्रतिदिन 1500 सिलेंडर भर सकते हैं। इसके अलावा सरकार ने दो बाटलिंग प्लांट लगाए हैं जो दैनिक आधार पर 1400 सिलेंडर भर सकते हैं। इस हिसाब से प्रतिदिन 2900 सिलेंडर तक भरे जा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास पिछली बार टैंकर नहीं थे। अब हम 15 ऑक्सीजन के टैंकर खरीद रहे हैं। उम्मीद है कि एक महीने के अंदर दिल्ली में यह टैंकर आ जाएंगे।

सीएम ने कहा कि दिल्ली में वैक्सीनेशन की स्थिति अच्छी है। 93 फीसद लोग पहली डोज लगवा चुके हैं, जबकि 57 फीसद लोग दूसरी डोज लगवा चुके हैं। सीएम ने कहा कि मेरी उन सभी लोगों से हाथ जोड़कर गुजारिश है, जिन्होंने अभी दूसरी डोज नहीं लगवाई है, वो भी आगे आकर दूसरी डोज जल्द से जल्द लगवा लें।

सरकार ने कुल 15370 डॉक्टर,नर्सेज,मेडिकल छात्रों व पैरामेडिक्स को प्रशिक्षण दिया है। पांच हजार स्वास्थ्य सहायक भी तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ ही कोविड मरीजों को किसी भी दिक्कत के दौरान मदद के लिए कोविड हेल्पलाइन नंबर 1031 जारी किया है। वहीं, सरकार ने कोरोना के नए वेरिएंट से दिल्लीवासियों को बचाने के लिए आईजीआई एयरपोर्ट पर फ्लाइट से आने वाले यात्रियों की जांच सख्त करने का फैसला लिया है।

एक दिसंबर से नए दिशा- निर्देशों को लागू किया जाएगा। जिसमें यात्रियों की टेस्टिंग,आइसोलेशन और क्वारंटीन शामिल है। यात्रियों को टेस्ट रिपोर्ट लेने में असुविधा न हो और उन्हें जल्द रिपोर्ट देने के लिए मोबाइल वैन लगाई जाएंगी। जिससे यात्रियों को एयरपोर्ट पर अधिक देर तक रूकना नहीं पड़ेगा।

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