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कबाड़ के गोदाम को है हादसे का इंतजार, पुलिस और फायर ब्रिगेड ने खड़े किए हाथ

  • Updated on 12/16/2017

नई दिल्ली /ब्यूरो। वेस्ट दिल्ली में कई स्थानों पर कबाडिय़ों ने अवैध रूप से प्लास्टिक कबाड़ गोदाम बना लिए हैं। कबाड़ गोदाम वालों ने खाली पड़ी सरकारी जमीन को पूरी तरह से कब्जा कर रखा है, लेकिन इन कबाड़ गोदामों में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। अवैध रूप से चल रहे इन कबाड़ गोदामों में कई बार आग लगने के भयंकर हादसे हो चुके हैं, लेकिन रिहायशी इलाकों के पास बने इन गोदामों पर प्रशासन की ओर से आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

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रघुबीर नगर नाले के पास भी प्लास्टिक कबाड़ का काम करने वाले कबाडिय़ों ने इसी तरह से खाली पड़ी सरकारी जमीन पर लम्बे समय से कब्जा जमा रखा है। इस इलाके से रोजाना लाखों रुपए के कबाड़ का काम किया जाता है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर यहां भी कुछ नहीं है। हैरान कर देने वाली बात यह भी है कि इस प्लास्टिक कबाड़ के बीच में कबाड़ का काम करने वाले सैकड़ों परिवार भी अवैध रूप से बनाई गई झुग्गियों में रहते हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। 

प्लास्टिक कबाड़ का गोरखधंधा पुलिस की नाक के नीचे खुलेआम किया जा रहा है, लेकिन पुलिस ने कभी भी इस तरह के काम को बंद कराने की कोशिश नहीं की है। जिस स्थान पर यह कबाड़ गोदाम बनाया गया है, वहां से कॉलोनी के भीतर जाने का मुख्य रास्ता भी है। अगर कोई हादसा होता है, तो इस रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। 

प्लास्टिक कबाड़ गोदाम में होने वाले हादसे (आगजनी) का असर आस-पास रहने वाले लोगों पर भी पड़ सकता है।  इलाके के लोगों का कहना है कि यह कबाड़ गोदाम घटने की बजाय लगातार बढ़ता जा रहा है, जो कभी भी खतरनाक रूप धारण कर सकता है। 

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उधर, जब हमने इस मामले पर पुलिस अधिकारियों से बात की तो उन्होंने इस तरह के कबाड़ गोदाम को हटाने में असमर्थता जताई है, जबकि फायर अधिकारी दयानंद ने प्रशासन को लिखित शिकायत करने की सलाह भी दे डाली।

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