Wednesday, Jun 29, 2022
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Knowledge makes a person human in real sense: Arif Mohammad Khan

व्यक्ति को वास्तविक अर्थों में मानव बनाता है ज्ञान ही: आरिफ मोहम्मद खान

  • Updated on 5/21/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। शिक्षा ही व्यक्ति को ज्ञान देती है और यह ज्ञान ही व्यक्ति को वास्तविक अर्थों में मानव बनाता है। शिक्षा ही व्यक्ति को सशक्त बनाती है, लेकिन यह उसका संस्कार है जो उसे ज्ञान का उपयोग दूसरों के लाभ के लिए करने हेतु निर्देशित करता है। सच्चे अर्थों में विद्वान वही होता है जिसके पास मूल्यों का बोध होता है। यह बाते केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने दिल्ली विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा स्वराज से नवभरत तक विचारों का पुनरावलोन विषय पर आयोजित तीनदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन समारोह में बतौर मुख्यअतिथि कहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में आईसीसीआर के अध्यक्ष डॉ.विनय सहस्त्रबुद्धे उपस्थित रहे जबकि समारोह की अध्यक्षता डीयू कुलपति प्रो.योगेश सिंह ने की। आरिफमोहम्मद खान ने अपने संबोधन में शिक्षा और ज्ञान के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय को इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। गुलामी की लंबी अवधि के बावजूद, भारत प्राचीन काल के अपने ज्ञान को बचाने और उसकी रक्षा करने में सक्षम रहा है। उन्होंने विवेकानंद के विचारों का विश्लेषण करते हुए कहा कि आनंद जीवन का मूल नहीं है, बल्कि जीवन का लक्ष्य ज्ञान की खोज है।
संगोष्ठी से निकले विचारों को अमल मे लाना होगा: डीयू कुलपति
डीयू कुलपति प्रो योगेश सिंह ने कहा कि इस संगोष्ठी से निकले विचारों को अमल में लाना होगा क्योंकि बिना कार्रवाई के विचारों का कोई अर्थ नहीं होता। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षण संस्थान और विश्वविद्यालय ही गहन शोध के माध्यम से प्रौद्योगिकी के निर्माता होंगे और तकनीक ही भारत को विश्व गुरु बनाने की क्षमता रखती है।  विशिष्ट अतिथि डॉ विनय सहस्रबुद्धे ने अपने संबोधन में स्वदेश में स्व के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह अतीत से भविष्य तक, वर्तमान के माध्यम से यात्रा का प्रमुख प्रेरक होगा। एक नया भारत बनाने के लिए, हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम अपनी संस्कृति के पांच मूल सिद्धांतों पर अपने सिद्धांतों का निर्माण करें जिन्हें दुनिया को भी पहचानने की आवश्यकता है। उन्होंने इन पांच सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आध्यात्मिक लोकतंत्र, अंत्योदय, प्रकृति माँ के प्रति कृतज्ञता, हमारी विविधता में एकता और वसुदेव कुटुम्बकम ही ये पांच सिद्धांत हैं।
    

 

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