Wednesday, Aug 10, 2022
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opd services in hospitals remained affected even on monday

अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं सोमवार को भी रही प्रभावित

  • Updated on 11/30/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। तीन केंद्रीय अस्पतालों में मरीजों के लिए सेवाएं सोमवार को लगातार तीसरे दिन भी प्रभावित हुईं, क्योंकि नीट पीजी-2021 की काउंसङ्क्षलग बार-बार स्थगित करने के विरोध में इन अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टरों ने बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में सेवाएं प्रदान नहीं की।  राममनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल), सफदरजंग और लेडी हाॢडंग अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहीं। फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (एफओआरडीए) ने शनिवार को इस मामले पर ओपीडी सेवाओं को बंद करने का आह्वान किया था। सोमवार को हुई बैठक में डॉक्टरों ने अगले 3 से चार दिनों तक सांकेतिक प्रदर्शन कर विरोध जताने का फैसला लिया है और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगे जल्द नही मानी गई तो वह पूरी तरह हड़ताल पर जाएंगे।

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मांगे जल्द नहीं मानी तो पूरी रतह से हड़ताल पर जाएंगे डॉक्टर
इस संबंध में फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) के अध्यक्ष डॉ. मनीष ने कहा कि सोमवार को भी देशव्यापी हड़ताल की गई। उन्होंने कहा कि सोमवार को बैठक में फैसला लिया गया है कि अगले 3-4 दिनों तक हाथों में काली पट्टी बांध कर या अन्य तरीके से विरोध किया जाएगा। इसके बाद भी यदि हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो डॉक्टर पूरी तरह से हड़ताल पर चले जाएंगे। इस दौरान केवल आपात सेवाएं ही दी जाएगी। बता दें कि डॉक्टरों के हड़ताल के बाद सीनियर डॉक्टरों का भार बढ़ गया है। उनके पास ज्यादा संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। एफओआरडीए के आह्वान के बाद 27 नवंबर को देशभर के कई अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर ओपीडी सेवाओं से हट गए थे। इसके बाद, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और एफओआरडीए अध्यक्ष के बीच स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, निर्माण भवन, नई दिल्ली में एक बैठक हुई।
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