Tuesday, Aug 21, 2018

बॉयोमीट्रिक सिस्टम: 21 फीसदी Ration card होल्डरों के नाम पर राशन की गोलमाल

  • Updated on 3/13/2018

नई दिल्ली/ताहिर सिद्दीकी। बॉयोमीट्रिक सिस्टम से उचित दर की दुकानों से सरकारी राशन देने की पहल ने राशन में बड़े गड़बड़झाले को उजागर कर दिया है। सरकार ने 2, 254 उचित दर की दुकानों पर बॉयोमीट्रिक सिस्टम से राशन देने के लिए प्वाइंट ऑफ सेल (ई-पीओएस) मशीनें गत दिसम्बर के अंत तक लगा दी थी लेकिन इसके बाद 21 फीसदी राशन कार्ड होल्डर्स राशन लेने ही नहीं आए। 

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वहीं,खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सचिव केआर मीणा ने कहा कि जब ई-पीओएस मशीनें नहीं लगी थीं तो राशन नहीं लेने वाले राशन कार्ड होल्डर्स की संख्या महज 0.86 प्रतिशत थी। इसे करीब 30 प्रतिशत सरकारी राशन की कालाबाजारी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसे में विभाग अप्रैल से 4 लाख से अधिक राशन कार्ड को निरस्त करने की तैयारी कर रहा है। 

बता दें कि राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए आप सरकार ने जून 2017 में सभी उचित दर की दुकानों में प्वाइंट ऑफ सेल मशीनें लगाने का निर्णय लिया था।

ई-पीओएस सिस्टम लगाने का टेंडर तीन बार फेल होने के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने केंद्र सरकार के प्रतिष्ठान भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड (बीईएल) को दिल्ली की सभी उचित दर की दुकानों में ई-पीओएस सिस्टम लगाने को ठेका आवंटित कर दिया। लेकिन इन सारी कवायदों को बंदकर अब सरकार ने राशन की होम डिलीवरी करने का निर्णय लिया है। लेकिन विभाग ई-पीओएस सिस्टम से जनवरी,फरवरी और मार्च महीने में राशन वितरण का आकलन कर 4 लाख से अधिक राशन कार्ड होल्डर्स के राशन कार्ड को निरस्त करने की तैयारी कर रहा है। अप्रैल से ऐसे राशन कार्ड होल्डर्स को पहले नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा। जवाब नहीं आने पर राशन कार्ड रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। 

नई दिल्ली सर्किल में सबसे ज्यादा राशन लेने नहीं आए: ई-पीओएस सिस्टम लगने के बाद सबसे ज्यादा नई दिल्ली सर्किल में राशन कार्ड होल्डर्स राशन लेने नहीं आए। माना जा रहा है कि इस इलाके में मजदूरों ने राजनीतिक प्रभाव में आकर राशन कार्ड बनवा लिया होगा लेकिन बाद में माइग्रेट कर गए होंगे। वहीं कुछ लोगों ने अच्छे घरों का होने के बावजूद राशन कार्ड बनवा लिया होगा और राशन लेने नहीं आए होंगे। 

3.75 करोड़ किलो गेहूं और चावल की आपूर्ति हर माह : राजधानी के 19.41 लाख राशन कार्ड होल्डर्स को हर माह 3.75 करोड़ किलो गेहूं और चावल की आपूर्ति की जाती है। वहीं,7.39 कुंतल चीनी की आपूर्ति भी हर माह होती है। 

19.41 : लाख राशन कार्ड राजधानी में 

0.86: प्रतिशत राशनकार्डधारियों ने ई-पीओएस मशीनें नहीं लगने पर नहीं लिया राशन 

21: फीसदी राशनकार्डधारियों ने पीओएस मशीनें लगने पर नहीं लिया राशन 

30 : प्रतिशत राशन की कालाबाजारी का अंदेशा 

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बंद की जाए राशन कार्ड रद्द करने की प्रक्रिया: इमरान हुसैन 

खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री इमरान हुसैन ने आदेश जारी कर कहा है कि खाद्य विभाग बिना जांच प्रक्रिया पूरी किए हजारों लोगों को नया राशन कार्ड जारी कर रहा है इसलिए नया कार्ड बनाने और पुराना राशन कार्ड रद्द करने का काम तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि हजारों नए राशन कार्ड बनाने की सूचना उन्हें प्राप्त हुई है।

आदेश में खाद्य मंत्री ने कहा कि नए कार्ड बनाने की प्रक्रिया के तहत आवेदनकर्ताओं को नोटिस जारी करने,वेरिफिकेशन करने,सर्वे करने व कार्ड बनाने वालों से बात करने की प्रक्रिया नहीं की जा रही है। इसलिए नए कार्ड बनाने पर तुरंत  रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि बिना प्रक्रिया पूरा किए कार्ड को रद्द भी किया जा रहा है। इसलिए अभी कार्ड को रद्द नहीं किया जाए। अगर कोई नया कार्ड बनाने की खास जरूरत हो तो मंत्री की अनुमति से बनाया जा सकता है। 

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