Friday, Jan 28, 2022
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SFI protest at VC office demanding to open campus

कैंपस खोलने की मांग को लेकर एसएफआई का वीसी कार्यालय पर प्रदर्शन

  • Updated on 10/13/2021


नई दिल्ली/ टीम डिजिटल । एसएफआई (स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया) दिल्ली विश्वविद्यालय ने वीसी कार्यालय का घेराव किया और छात्रों के विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए सार्वजनिक बैठक की। इसके साथ ही डीयू वीसी को एक ज्ञापन भी सौंपा।


ये रही मुख्य मांगे
जनसभा में कॉलेज परिसरों को फिर से खोला जाए,एनईपी और एफवाईयूपी को वापस लें,शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि बढ़ाने का आदेश जारी करें,ट्यूशन फीस को किश्तों में देने का प्रावधान किया जाए,कॉलेज फीस भुगतान में कठिनाई का सामना कर रहे छात्रों को पूर्ण शुल्क माफी आदि मांगे शामिल रही। डीयू के विभिन्न कॉलेजों के 100 से अधिक छात्र विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। पुलिस ने विरोध करने की अनुमति नहीं दी और छात्रों को विरोध करने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई। एसएफआई के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने वीसी ऑफिस में ज्ञापन सौंपा। जनसभा को एसएफआई दिल्ली के प्रदेश उपाध्यक्ष कॉमरेड उत्कर्ष, कॉमरेड अखिल केएम, कॉमरेड मयंक और विभिन्न कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने संबोधित किय।

सभी कार्यालय खुल रहे विश्वविद्यालय अब भी बंद
कॉमरेड अखिल केएम ने कहा ने कहा कि कैंपस बंद हुए 1.5 साल से अधिक समय हो गया है और अब हर व्यवसाय, हर बाजार, सभी सरकारी कार्यालय खुले हैं लेकिन विश्वविद्यालय अभी भी बंद हैं, इसके पीछे एक कारण यह है कि डीयू प्रशासन एनईपी को लागू करते समय किसी भी छात्र का हस्तक्षेप नहीं चाहता है। फीस कम की जानी चाहिए क्योंकि महामारी से पैदा हुई आर्थिक परेशानियों की मार आम छात्र झेल रहे हैं। जिन छात्रों के लिए फीस देना मुश्किल है, उनकी फीस माफ करदी जानी चाहिए।


नई शिक्षा नीति पूंजीपतियों के मुनाफे के लिए बनाई गई
एसएफआई दिल्ली राज्य सचिव मंडल के सदस्य मयंक ने सभा को संबोधित करते हुए कहा,  डेढ़ साल से ऑनलाइन क्लासें चल रही हैं, डेढ़ साल से छात्रों ने कुछ नहीं पढ़ा। नई शिक्षा नीति पूंजीपतियों के मुनाफे के लिए बनाई गई है, इसका विरोध नहीं किया तो शिक्षा एक समुदाय तक सीमित रह जाएगी। एनईपी से लडऩे के लिए संगठित होना छात्रों की सबसे पहली जिम्मेदारी है। ऑनलाइन शिक्षा के साथ उच्च शुल्क डीयू के सभी छात्रों के लिए चिंता का विषय है और हमारी लड़ाई एनईपी, एफवाईयूपी और छात्रों से अनावश्यक शुल्क वसूलने के खिलाफ जारी रहेगी।

 

 

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