Friday, Jan 28, 2022
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प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसी का भांडाफोड़, मनमाने पैसे पर करते थे कॉल हैक

  • Updated on 7/11/2016

नई दिल्ली (टीम डिजिटल): दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एक बड़े जासूसी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने जासूसी रैकेट चलाने वाले चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

ये जासूस बन कर अब तक हजारों लोगों की कॉल डिटेल निकाल कर उन्हें मनमाने पैसों में बेचते थे। ये लोग अब तक कई बड़े लोगों की कॉल को हैक कर चुके हैं। इन चारों आरोपियों को यूपी के कानपुर पुलिस ने गिरफ्तार गया है।

वहीं, इस रैकेट में कई निजी जासूसी एजेंसियों के शामिल होने का संदेह भी है। अपराध शाखा को संदेह है कि गिरोह ने हजारों लोगों का सीडीआर जुटाया और अपने उन ग्राहकों को बेचा जो वैवाहिक मामलों, कानूनी मामलों, प्रेम विवाह, सिविल मामले, व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता और वित्तीय जांचों के संबंध में जासूसी चाहते थे। संदेह है कि इन लोगों ने नेताओं और शीर्ष नौकरशाहों सहित बड़े लोगों के बीच हुई बातचीत के सीडीआर को भी बेचा है।

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इस गिरोह के सामने आने के बाद से पुलिस और चौक्कनी हो गई है। पुलिस ने जिनको गिरफ्तार किया है उनके नाम पंकज तिवारी, जयवीर राठौर, आदित्य शर्मा उर्फ अर्पित और संजीव चौधरी हैं। सीडीआर जयवीर सिंह नाम के एक व्यक्ति से मिली थी जो खुद को एक टीवी चैनल का मालिक बताता है। इस व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

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वहीं दिल्ली पुलिस को कानपुर पुलिस से कुमार की हिरासत मिल गई है। दिल्ली पुलिस ने आदित्य को 2013 में भी बड़े लोगों के सीडीआर बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। अधिकारी ने बताया कि संजीव एक निजी कंपनी में काम करता था जिसने कथित तौर पर सीडीआर अपने ग्राहकों और निजी जासूसी कंपनियों को बेचा और उनसे 30 से 50 हजार रुपए तक वसूले हैं ।

ऐसे में इस गिरोह के सामने आने के बाद अब पुलिस इस जांच में जुट गई है कि इन आखिर किस-किस के अब तक कॉल हैक हुए हैं और जिसने भी हैक करवाए हैं वह कौन हैं?

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