Tuesday, Feb 20, 2018

सुपरटेक ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, नोटबंदी की वजह से नहीं जुटा पाए पैसे

  • Updated on 1/7/2017

Navodayatimesनई दिल्ली (टीम डिजिटल) : रीयल एस्टेट क्षेत्र की प्रमुख कंपनी सुपरटेक ने शुक्रवार उच्चतम न्यायालय से कहा कि वह नोटबंदी की वजह से 10 करोड़ रुपये की राशि नहीं जुटा पाई। कंपनी को यह राशि उन लोगों को रिफंड करने के लिए जमा करानी है जो नोएडा की विवादास्पद एमेराल्ड कोर्ट परियोजना से निकलना चाहते हैंं।

 कंपनी ने न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा तथा न्यायमूर्ति आर भानुमति की पीठ के समक्ष यह राशि जमा कराने के लिए दो महीने का समय देने की अपील की। कंपनी की ओर से उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने कहा कि नोटबंदी की वजह से वह शीर्ष अदालत में जमा कराने को 10 करोड़ रुपये नहीं जुटा पाई है।

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उन्होंने उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार यह राशि रजिस्ट्री में जमा कराने के लिए दो महीने का समय मांगा है। इसके बाद पीठ ने डेवलपर को यह राशि 20 मार्च तक जमा कराने का निर्देश दिया। हालांकि, पीठ ने इसके साथ ही स्पष्ट किया कि राशि जमा कराने का यह आखिरी अवसर होगा। 

उच्चतम न्यायालय ने 8 नवंबर को सुपरटेक को 10 करोड़ रुपये 3 जनवरी तक जमा कराने का निर्देश दिया था। यह राशि उन लोगों को वापस की जानी है जो कंपनी की विवादास्पद परियोजना से हटना चाहते हैं।
 

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