Friday, Feb 03, 2023
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आध्यात्मिक गुरूओं की राय,  विचार-आचरण की शुद्धता है जरूरी 

  • Updated on 12/6/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। आज के परिवेश में आहार, विचार, आचरण को जहां अच्छा बनाने की आवश्यकता है वहीं मद्यपान, मांसाहार पर रोक लगाना चाहिए। जैन धर्म गुरूओं ने यह विचार राजधानी में आयोजित अध्यात्मिक विद्या पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कान्फ्रेंस डॉक्टर्स फोरम में व्यक्त किए। 
      एनिमल वेलफेयर सोसायटी आफ इंडिया एवं ज्ञानसागर साइंस फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कान्फ्रेंस में जैन मुनि लोकेश मुनि, भाई साईं शरणागत, ब्रह्मचारिणी अनीता दीदी के साथ एवं अन्य धर्म गुरुओं, चिंतकों, विचारकों, लेखकों, चिकित्सकों ने अपने विचार रखे। 
     सभी ने आहार, विचार एवं आचरण की शुद्धता तथा आध्यात्मिक ज्ञान के प्रचार प्रसार पर पर बल दिया। डॉ. डीसी जैन की अध्यक्षता में हुई इस सारगर्भित कांफ्रेंस में डॉ. अक्षय धारीवाल, डॉ. दीपक शुक्ला, डॉ. प्रभाकिरण जैन, डॉ. एसएस पोखरना सहित कई विद्वानों ने विचार व्यक्त किए। डॉ. प्रभाकिरण जैन ने अपने वक्तव्य से आध्यात्मिक विद्या के नवीन पहलू को प्रकाशित किए। 
 

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