Wednesday, May 12, 2021
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घर में हुए शॉर्ट सर्किट ने ली तीन साल के मासूम की जान, बुजुर्ग नानी हुई घायल

  • Updated on 6/7/2018

नई दिल्ली/ब्यूरो। आरके पुरम स्थित एक सरकारी आवास में मंगलवार देर रात शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने एक घर के इकलौते चिराग को बुझा दिया। आग के कारण घर में मौजूद साढ़े तीन साल के एक मासूम बच्चे की दम घुटने से मौत हो गई। बच्चे के माता-पिता और बुजुर्ग नानी बुरी तरह से घायल हो गई। तीनों का सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा है।

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वहीं, इस हादसे में इनकी जान बचाने पहुंचे आरके पुरम थाने में तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। उन दोनों का भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। बच्चे के पिता पंकज (37) वाणिज्य मंत्रालय में व मां स्वाति (34) रक्षा मंत्रालय में कार्यरत है। पंकज अपने परिवार के साथ आरके पुरम सेक्टर-12 टाइप-1 में बने सराकारी आवासीय परिसर के एक तीन मंजिली बिल्डिंग के फस्र्ट फ्लोर पर स्थित फ्लैट नंबर 742 में रहता है।

परिवार में पत्नी स्वाति, सास मां दर्शना और इकलौता साढ़े तीन साल का बेटा अभिनव था। मंगलवार देर रात करीब एक बजे फ्लैट की सीढिय़ों के नीचे बने बिजली के जंक्शन बॉक्स में शॉर्टसर्किट हो गया। इससे निकली चिंगारियों से जंक्शन बॉक्स के पास ही खड़ी दो बाइकों में आग लग गई। यह आग ने तेजी से फैलते हुए पूरे ग्राउंड फ्लोर को अपनी चपेट में ले लिया।

बिल्डिंग से धुआं निकलते देख पड़ोस के लोगों ने तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को फोन कर सूचित करने के साथ ही शोर मचा बिल्डिंग की दूसरी और तीसरी मंजिल के लोगों को नीचे बुला लिया। पर संभवत: पंकज का पूरा परिवार गहरी नींद में होने और एसी चलाने के दौरान बंद की हुई खिड़कियों के कारण उन तक नीचे से पड़ोसियों द्वारा लगाई जा रही आवाज नहीं पहुंच पाई। इसके कारण वे सभी समय रहते घर से नहीं निकल पाए और अपने फ्लैट में ही फंस गए।

इधर सूचना मिलते ही मौके पर आरके पुरम थाने के एएसआई राजपाल सिंह और हेड कांस्टेबल संजीव और उनके पीछे फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस पहुंच गई। दोनों पुलिस कर्मियों ने बहादुरी दिखाते हुए धुएं से भरे कमरों में प्रवेश कर कमरों में बेसुध पड़े पंकज, स्वाति, स्वाति की मां दर्शना (74) व अभिनव को फ्लैट से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। लेकिन जब तक वे अस्पताल पहुंचे धुएं के कारण दम घुटने से मासूम अभिनव की मौत हो चुकी थी। वहीं, बाकी तीनों घायलों का इलाज चल रहा है। वहीं इस बचाव कार्य के दौरान दोनों पुलिस कर्मी भी धुएं की चपेट में आकर घायल हो गए, जिन्हें इलाज के बाद बुधवार शाम को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। 

एक साल पहले ही फ्लैट में शिफ्ट हुए थे पंकज

पड़ोसियों ने बताया कि पंकज एक साल पहले ही आवासीय परिसर में रहने के लिए आए थे। यही नहीं उनके आने के कुछ ही माह पहले उस बिल्डिंग का रेनोवेशन भी हुआ था, जिसमें फ्लैटों की मरम्मत किए जाने के साथ ही पूरी बिल्डिंग की वायरिंग भी नए सिरे से हुई थी। इसके बावजूद हादसा हो गया। लोगों ने बताया कि मंगलवार दोपहर में पास के ही एक और फ्लैट में शॉर्टसॢकट हुआ था। इसकी सूचना पाकर विभाग ने इसकी मरम्मत कर दी थी।

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चार दिन पहले ही शुरू किया था स्कूल जाना 

पंकज ने चार दिन पहले ही पास के एक स्कूल में गर्मियों के दौरान बच्चों के लिए आयोजित विशेष क्लास में अभिनव का एडमिशन करवाया था। वह पिछले चार दिन से स्कूल भी जा रहा था। बुधवार सुबह भी उसकी स्कूल वैन उसे लेने पहुंची लेकिन वह अपने साथियों के साथ स्कूल नहीं गया। इसके कारण उसके साथ जाने वाले बच्चे बार-बार उसके बारे में पूछ रहे थे। 

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