Wednesday, Dec 07, 2022
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डीयू खुलवाने की मांग को लेकर नॉर्थ से लेकर साउथ कैम्पस तक हंगामा

  • Updated on 2/8/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू)  पुन खोलने की मांग को लेकर लगभग सभी छात्र संगठनों ने विरोध का झंडा बुलंद किया हुआ है। मंगलवार को डीयू के नॉर्थ से लेकर साउथ कैम्पस तक प्रदर्शन हुए। नॉर्थ कैम्पस में जहां वाम संगठनों ने चक्का जाम किया,तो वहीं साउथ कैम्पस में एबीवीपी और डूसू पदाधिकारियो ने साउथ कैम्पस में धरना दिया। नॉर्थ कैम्पस में चक्का जाम के दौरान एक छात्र ने खुद पर पेट्रोल डाल आत्मदाह करने की कोशिश की,मगर पुलिस ने हिरासत में ले लिया और पास के निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करा दिया। वहीं एबीवीपी व डूसू पदाधिकारी डीयू खोलने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए। दूसरी तरफ एसएफआई ने बुधवार को सडक़ पे कक्षा का ऐलान किया है।

डीयू खोलने की मांग को लेकर कुलपति कार्यालय के बाहर छात्रों का प्रदर्शन

चक्का जाम में छात्र ने की आत्मदाह की कोशिश
दिल्ली विश्विद्यालय में सामान्य कक्षाए शुरू करने की मांग को लेकर मंगलवार को एसएफआई,आइसा,सीवाईएसएस व केवाईएस सहित अन्य वाम संगठनों के कार्यकर्ताओं ने नॉर्थ कैम्पस में प्रदर्शन किया। डीयू फिर खोलने की मांग को लेकर नॉर्थ कैम्पस छात्र मार्ग पर चक्का जाम किया गया। इस दौरान एक छात्र ने आत्मदाह करने की कोशिश करते हुए खुद पर पेट्रोल डाल लिया। मौके पर मौजूद पुलिस द्वारा समय रहते छात्र को पकड़ लिया गया और हिरासत में लेकर पास के निजी अस्पताल में ईलाज के लिए भेज दिया गया। छात्र की पहचान एमए बौद्ध स्टडीज के छात्र कमल तिवारी के रूप में हुई है। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को डीयू  कुलपति  कार्यालय के बाहर भी दिनभर प्रदर्शन किया गया था। हालांकि, शाम के समय पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया था। स्टूडेंट््स फेडरेशन ऑफ इंडिया’(एसएफआई), ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट््स एसोसिएशन’ (आइसा) जैसे विभिन्न छात्र संगठनों के सदस्यों ने मंगलवार को भी कॉलेज फिर से खोलने की मांग की और पुलिस द्वारा सोमवार को प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर हाथापाई करने का भी आरोप लगाया। हालांकि, पुलिस इन आरोपों को खारिज कर चुकी है।    

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पुलिस का कहना कमल तिवारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की अफवाहें झूठी  
उत्तरी जिला उपायुक्त सागर सिंह कलसी का कहना है कि डीयू में प्रदर्शनकारी द्वारा आत्मदाह के प्रयास के रूप में कुछ तरल डालने की घटना के संबंध में लगभग 1.45 बजे डीयू प्रशासन के खिलाफ सीवाईएसएस द्वारा विरोध प्रदर्शन के दौरान विवि खोलने की मांग के दौरान कमल तिवारी ने खुद को जलाने के लिए खुद पर पेट्रोल डालने की कोशिश की। तत्काल मौके पर मौजूद पुलिस ने उसे रोका और वहां से हटाकर एचआरएच अस्पताल ले जाया गया। पता चला है कि उक्त तरल पेट्रोल और पानी का मिश्रण था। आगे के पूर्ववृत्तों का सत्यापन किया जा रहा है। कमल तिवारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की अफवाहें झूठी हैं। वर्तमान में हिंदू राव अस्पताल के मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरो द्वारा उनकी काउंसलिंग की जा रही है।

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डीयू खुलवाने को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे डूसू व एबीवीपी पदाधिकारी
डीयू परिसर और कॉलेजों को खुलवाने को लेकर एबीवीपी और डूसू कार्यकर्ताओं ने डीयू साउथ कैम्पस में दिनभर धरना प्रदर्शन किया।  डीयू साउथ कैम्पस निदेशक ने प्रदर्शनकारियों का ज्ञापन लिया और मांगों को जल्द से जल्द मानने का आश्वासन दिया। एबीवीपी कार्यकर्ता एवं डूसू पदाधिकारी नॉर्थ कैम्पस के कला संकाय के परिसर के बाहर छात्र मार्ग पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए है और लिखित आदेश की मांग कर रहे हैं। मालूम हो इससे पहले सोमवार को एबीवीपी ने डीयू के 55 कॉलेजों के प्रिंसिपलों को ज्ञापन सौंपकर छात्रों की समस्याएं रखते हुए तत्काल प्रभाव से कॉलेज खोलने की मांग की थी। बुधवार को अनशन के समर्थन में कला संकाय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा।

डीयू खोलने की मांग को लेकर एबीवीपी ने 55 प्रिंसिपलों को सौंपा ज्ञापन

ये बैठे अनशन पर
डूसू अध्यक्ष अक्षित दहिया, उपाध्यक्ष प्रदीप तंवर, डूसू सहसचिव शिवांगी खरवाल, एबीवीपी डीयू इकाई अध्यक्ष रोहित शर्मा,नवीन यादव,नैना धीमान, कविता सहवाग, आदित्य प्रताप एवं ऋषभ चौधरी अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। एबीवीपी राष्ट्रीय मीडिया संयोजक और दिल्ली प्रांत मंत्री सिद्धार्थ यादव ने कहा कि डीयू के कैंपस ना खोलने के निर्णय के खिलाफ मंगलवार को डूसू पदाधिकारियों के साथ एबीवीपी के 6 कार्यकर्ता अनशन पर बैठे हैं। इसके समर्थन में हम बुधवार को प्रचण्ड प्रदर्शन करने वाले हैं ताकि विश्वविद्यालय प्राशासन की आंखें खुल सके और जब तक विश्वविद्यालय पूरे रूप से खुलेगा नहीं तब तक हमारा अनशन और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

 

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