Sunday, Jan 24, 2021

Live Updates: Unlock 8- Day 23

Last Updated: Sat Jan 23 2021 08:55 PM

corona virus

Total Cases

10,639,684

Recovered

10,300,838

Deaths

153,184

  • INDIA10,640,546
  • MAHARASTRA2,003,657
  • ANDHRA PRADESH1,648,665
  • KARNATAKA934,576
  • KERALA911,382
  • TAMIL NADU833,585
  • NEW DELHI633,542
  • UTTAR PRADESH598,126
  • WEST BENGAL567,304
  • ODISHA334,020
  • ARUNACHAL PRADESH325,396
  • RAJASTHAN316,282
  • JHARKHAND310,675
  • CHHATTISGARH295,949
  • TELANGANA293,056
  • HARYANA266,939
  • BIHAR258,739
  • GUJARAT258,264
  • MADHYA PRADESH253,114
  • ASSAM216,957
  • CHANDIGARH183,588
  • PUNJAB171,522
  • JAMMU & KASHMIR123,852
  • UTTARAKHAND95,464
  • HIMACHAL PRADESH57,162
  • GOA49,362
  • PUDUCHERRY38,646
  • TRIPURA33,035
  • MANIPUR27,155
  • MEGHALAYA12,866
  • NAGALAND11,709
  • LADAKH9,155
  • SIKKIM5,338
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS4,983
  • MIZORAM4,322
  • DADRA AND NAGAR HAVELI3,374
  • DAMAN AND DIU1,381
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
vertical-garden-drought-on-metro-peeler-for-pollution-control-aljwnt

प्रदूषण नियंत्रण के लिए मेट्रो पीलर पर बने वर्टिकल गार्डेन सूखे

  • Updated on 10/14/2020

नई दिल्ली/अनामिका सिंह। दिल्ली सरकार (Delhi Government) व दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) के प्रयास द्वारा राजधानी में कई जगहों पर ग्रीन वॉल जिसे वर्टिकल गॉर्डेन कहा जाता है उसे लगाया था लेकिन देखभाल के अभाव में यह वर्टिकल गॉर्डेन अब सूख गए हैं। दरअसल इन वर्टिकल गॉर्डेन को लगाने के पीछे सरकार की मंशा दिल्ली में हर साल बढ़ने वाले प्रदूषण के स्तर को रोकना था।

बता दें कि वर्टिकल गार्डेन में छोटे-छोटे प्लास्टिक के गमलों में लगे पौधों के द्वारा लोहे व अन्य मेटल के फ्रेम को चादरनुमा स्टाइल में पीलर के चारों तरफ कवर कर दिया जाता है। गमलों में पौधों को उपर से लगाया जाता है कि वे सीधे एक के उपर एक रहते हैं। इसमें काम पूरा होने के बाद पूरा फ्रेम या दीवार पीलर पर उपर से नीचे तक हरा-भरा दिाता है। इसमें बीच-बीच में खूबसूरती बढाने के लिए रंग-बिरंगे फूल भी लगाए जाते हैं। खासकर हरे के साथ जामुनाी या गुलाबी। इन छोटे-छोटे गमलों में विशेष प्रकार के पौधे लगाए जाते हैं जिन्हें थोड़ी सी देखभाल और पानी की जरूरत पडती है लेकिन ये प्रदूषण के स्तर को बढने नहीं देते।

NDMC ने शुरू किया छात्रों के लिए शैक्षिक Youtube Channel

ऐसे ही वर्टिकल गॉर्डेन धौलाकुआं मेट्रो स्टेशन के पीलर्स पर भी लगाए गए थे लेकिन देखभाल के अभाव में प्रदूषण से लडने की बजाय वो खुद ही सूख गए हैं। दरअसल वर्टिकल गार्डेन हरियाली के लिए किए जा रहे अभिनव प्रयोगों में से एक है। ये धूल नियंत्रण के साथ ही तापमान को भी कंट्रोल करने में सक्षम होते हैं। यही नहीं ध्वनि प्रदूषण के लिए वर्टिकल गार्डेन साउंड बैरियर का काम करता है, इससे उस हिस्से में तेज ध्वनि को आगे जाने से वर्टिकल गार्डेन बाधित करते हैं।

दिल्ली सरकार ने CBSE को पत्र लिख बोर्ड परीक्षा 2021 को मई तक टालने की मांग की

कौन से पौधे लगते हैं वर्टिकल गार्डेन में
वर्टिकल गार्डेन में छिछलने व बेल वाले पौधों को लगाया जाता है। इसमें रोइयो, एरिथीमा, लालभाजी, स्पाइडर प्लांट, एस्पेरेगस, फर्न, आल्टर नेन्थ्रा, ग्रीन आल्टर, नेन्थरा, ऑक्सि कार्डियम, मनी प्लांट सहित कई प्रकार के पौधे लगाए जाते हैं। जोकि प्रदूषण स्तर को कंट्रोल करते हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.