Monday, May 23, 2022
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मेट्रो स्टेशनों से 8 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादित करने का लक्ष्य

  • Updated on 6/25/2016

नई दिल्ली(ब्यूरो)। मेट्रो स्टेशनों के पार्किंग स्थल व छतों का प्रयोग रिन्यूअल एनर्जी के उत्पादन में करने के लिए डीएमआरसी का कंपनियों से करार हो रहा है।

आने वाले समय में करीब दर्जन भर नए स्टेशनों पर इसके लिए अभी से रूफ टॉप सोलर पावर प्लांट लगाने का काम भी आरंभ हुआ है। पीपीए (पावर परचेज एग्रीमेंट) के तहत करीब 8 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादित करने का लक्ष्य रखा गया है। जिससे लगभग 7 हजार टन कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। 

डीएमआरसी और प्राइवेट कंपनी के बीच पच्चीस वर्ष के लिए यह करार किया गया है। इसमें द्वारका सेक्टर-21 से राजीव चौक और बदरपुर से केंद्रीय सचिवालय के बीच यह प्लांट लगाया जाएगा।

इसमें मुख्यतौर पर बदरपुर, तुगलकाबाद, द्वारका सेक्टर-21, एयरपोर्ट डिपो, गोविंदपुरी, सरिता विहार, कौशांबी, कड़कडड़ूमा, यमुना बैंक, कीर्ति नगर तथा वर्ष 2017 में शुरू होने वाले कई अन्य नए स्टेशन भी शामिल रहेंगे।

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जानकारी के मुताबिक पहली बार मेट्रो स्टेशनों की पार्किंग का इस तरह से इस्तेमाल किया जा रहा है। जिससे करीब पांच मेगावॉट बिजली के उत्पादन की दिशा में काम शुरू किया जा चुका है।

सोलर पावर प्लांट के जरिए उत्पादित बिजली को मेट्रो स्टेशनों, पार्किंग स्थल में भी प्रयोग किया जाएगा। गौरतलब है कि रिन्यूअल एनर्जी के साथ-साथ डीएमआरसी वर्षा जल संचयन और दूषित जल को रिसाइकिल के जरिए दुबारा इस्तेमाल करने की विधि पर पहले से ही काम कर रही है।

डीएमआरसी के अनुसार पर्यावरण को बेहतर बनाए रखने की दिशा में सोलर पावर प्लांट भी बेहतर कदम साबित होगा। रूफ टॉप पावर प्लांट के जरिए कार्बन उत्सर्जन में भी कमी लाने में सहायता मिलेगी। 

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